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कैसे हो आपका रिज्यूमे सबसे चुस्त

नौकरी की तलाश शुरू होती है आपके रिज्यूमे के साथ। चंद कागजों के इस दस्तावेज में आपके समस्त अनुभव की सूचना समाहित होती है, इसलिए इसे कुछ इस तरह से प्रस्तुत किया जाना चाहिए कि साक्षात्कारकर्ता या एम्प्लॉयर इसके सामने आते ही इसे पूरा पढ़े बिना न रह सके। तो क्या खूबियां हों आपके रिज्यूमे में, जानिए यहां।

किसी भी नौकरी के लिए भेजे गए रिज्यूमे के एक बड़े प्रतिशत (करीब 80) को अधिकारी वर्ग बहुत सरसरी निगाह से देखता है, जिसके बाद कागजों के उस पुलिंदे को नकार दिया जाता है। लिहाजा, नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए यह एक बहुत बड़ा चैलेंज होता है कि वह अपने रिज्यूमे को क्या रूप दें, ताकि उसे जांच रहा अधिकारी बारीकी से उसका अध्ययन करे। दरअसल, बुनियादी तौर पर तो किसी भी रिज्यूमे में सुधार के जो सिद्धांत हो सकते हैं, उनसे प्राय: सभी वाकिफ होते हैं। मसलन, लेखन व टाइपिंग संबंधी त्रुटियां, कमजोर व्याकरण और अंग्रेजी शब्दावली का गलत इस्तेमाल, संपर्क सूचना से जुड़ी गलती या उसका न होना, पिछली नौकरियों से जुड़ी गलत सूचना या उसकी अनुपलब्धता, रिज्यूमे का खराब फॉर्मेट आदि। साथ ही, रिज्यूमे के लिए रंगीन कागज का इस्तेमाल आदि कारण भी इन्हीं गलतियों में शामिल होते हैं। इसलिए इन बुनियादी कारणों के साथ-साथ रिज्यूमे में सुधार के लिए कई अन्य जरूरी बातों को ध्यान में रखा
जाना चाहिए।

पहला कदम
यह सच है कि प्राप्त रिज्यूमे के ढेर में से सही रिज्यूमे को खोज पाना बहुत लंबा और थकाऊ काम होता है। इसलिए रिक्रूटर की निगाह में आने के लिए आपके रिज्यूमे में कुछ विशेषताएं होनी चाहिए, जिनके आधार पर ही आप आगे बढ़ पाएंगे। इन विशेषताओं में से सबसे पहला बिंदु होता है आपके रिज्यूमे का रिजल्ट-ओरिएंटेड और संक्षिप्त होना। इसके अंतर्गत आपके रिज्यूमे में अपेक्षित पोजिशन के लिए आपकी योग्यताओं का जिक्र जल्दी से आना चाहिए। आपके रिज्यूमे में उसे पढ़ने वाले को जल्दी खींचने की क्षमता होनी चाहिए, इसलिए उसकी शुरुआत में ही आपकी उपलब्धियों का जिक्र हो। रिज्यूमे पढ़ने वाले अधिकारी का ध्यान उसमें मौजूद मजबूत सैलिंग पॉइंट्स खींचते हैं। कामकाज से जुड़ी आपकी उपलब्धियां, आपके हुनर और जिस पोजिशन के लिए आप आए हैं, उससे जुड़े अनुभव का जिक्र करना यहां जरूरी होता है। साथ ही, जिस कंपनी में आप साक्षात्कार के लिए आए हैं, उससे व पोजिशन से जुड़ी अधिकाधिक जानकारी होने पर भी आपको यकीन होता है कि आप सही दिशा में जा रहे हैं।

दूसरा कदम
एक सही शुरुआत के बाद अगली चुनौती होती है, शुरुआती रफ्तार को बनाए रखना। इसके लिए आपको बताना होगा कि आप कंपनी को किस तरह से योगदान दे सकते हैं। रिक्रूटर्स भी इसी तथ्य पर नजरें गढ़ाए होंगे कि आप किस तरह से कंपनी के लिए सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। लिहाजा, रिज्यूमे को जल्दी निगाह में लाने के लिए आपकी योग्यताओं से जुड़ी जानकारी ऊपर ही लिखी हो। याद रखें कि यह जिम्मेदारी आपकी है कि रिक्रूटर आपके रिज्यूमे में आपकी कामकाजी योग्यता से जुड़ी जानकारी जल्दी से प्राप्त करे। इसमें आप उसकी मदद अपनी ओर से रिज्यूमे को संवार के कर सकते हैं।

...और आगे
अक्सर रिक्रूटर एक ही पोस्ट के लिए आए ढेर सारे रिज्यूमे को जल्दी से जल्दी छांट कर कोई फैसला लेने की जल्दी में रहते हैं। इसलिए रिज्यूमे में की गई एक छोटी-सी गलती या कमी आपके लिए नुकसान का सबब बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि आपके रिज्यूमे में लिखा हरेक शब्द दुरुस्त और सटीक सूचना देने वाला हो। रिक्रूटर यह नहीं जानना चाहता कि आपके पुराने एम्प्लॉयर आपके बारे में क्या राय रखते हैं - वह जानना चाहता है कि आपकी क्षमताएं क्या और कितनी हैं। कार्य अनुभव से जुड़ी सूचना को बुलेट टेक्स्ट में दें, लंबे पैराग्राफ्स में नहीं।
रिक्रूटर को सबसे ज्यादा आपकी काबिलियत में रुचि होती है। उन्हें आपके निजी जीवन, गतिविधियों या सरोकारों में कोई रुचि नहीं होती। यह सच भी है कि आपके निजी सरोकार आपको रोजगार नहीं दिलाते, बल्कि आपकी काबिलियत इसमें सहयोगी बनती है। अपनी तस्वीर भी रिज्यूमे के साथ नत्थी न करें।

रिज्यूमे और बातचीत
- रिज्यूमे की शुरुआत में ही अपनी अन्य विशेषताओं के साथ-साथ अपने क्षेत्र से जुड़ी विशेषज्ञता का जिक्र करें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इंडस्ट्री से जुड़े अनुभव में आप कहां ठहरते हैं।
- अतीत में आपने कार्य से जुड़ी किन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है, उनका जिक्र भी जरूरी है। एम्प्लॉयर्स उन्हीं प्रत्याशियों से मिलना पसंद करते हैं, जो लीक से हट कर सोचते हैं। यह चुनौतियां किसी भी रूप में हो सकती हैं।
- आपका भावी एम्प्लॉयर जिन चुनौतियों से जूझ रहा है, उस बारे में होमवर्क करें और सही समय पर उस बारे में बात करें।
- अपने इंटरव्यूअर से पिछले कार्यस्थल पर अपने सीनियर्स और क्लाइंट्स से जुड़े अनुभवों का जिक्र करते समय बताएं कि किस तरह से आपकी बनाई योजनाओं से वे संतुष्ट हुए थे। आप यह भी कह सकते हैं कि आपकी सभी उपलब्धियों के बारे में रिज्यूमे में बताया गया है। इसके बाद उस पर बात करने के लिए आपको अगली मीटिंग का प्रस्ताव भी मिल सकता है।

कुछ और जरूरी बातें
- रिज्यूमे लिखते समय अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े जॉब डिस्क्रिप्शंस को ध्यान से पढ़ें। यह भी ध्यान रखें कि प्रत्येक जॉब के लिए आपका रिज्यूमे उसी के अनुसार हो यानी अपने कार्य-कौशल और अनुभव को उसी अनुसार लिखें, जिससे स्पष्ट हो कि आप उस भूमिका के लिए उपयुक्त पात्र हैं।
- रिज्यूमे में कीवर्ड्स भी बड़ा महत्व रखते हैं। यह उन स्थितियों में काम आते हैं, जब आप सीधे नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हों या रिज्यूमे को ऑनलाइन पोस्ट कर रहे हों, ताकि उपयुक्त एम्प्लॉयर की नजर उस पर पड़ सके यानी आज की दुनिया में सोशल मीडिया आपके रिज्यूमे को ‘फ्लैश’ करने का बड़ा वाहक साबित हो रहा है।
- हालांकि एक विस्तृत रिज्यूमे आकलन के दौरान कीवड्र्स की भी उतनी जरूरत नहीं रहती, लेकिन यदि सीधे नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं तो जॉब टाइटल से जुड़े कीवड्र्स लिखना कारगर रहता है।
- यदि संभव हो तो अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े किसी एचआर प्रोफेशनल से भी इस बारे में मौजूदा चलन पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- ऑनलाइन पर मौजूद अपने रिज्यूमे को अप-टू-डेट रखें। जो रिज्यूमे देर तक स्थिर पड़े रहते हैं, एम्प्लॉयर्स उन प्रत्याशियों को संपर्क करने में उदासीनता दिखा सकते हैं।
- जितना संभव हो, अपने रिज्यूमे का फॉर्मेट सरल रखें। अपने कार्य अनुभव की सूचना सबसे हालिया कार्यस्थल से शुरू करके दें यानी उलटे क्रम में। इससे दी गई सूचना के संदर्भ और प्रासंगिकता का आकलन करना आसान होगा।

क्या हां और क्या नहीं
- चूंकि रिज्यूमे अक्सर अंग्रेजी में लिखे जाते हैं, इसलिए कुछ शब्दों के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी रखनी चाहिए।
- आपका रिज्यूमे रचनात्मक लेखन दिखाने के लिए नहीं होता। इसके लिए लेखन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में हाथ आजमाएं। जहां तक संभव हो, अपने कार्यानुभव से जुड़ी सूचना सीधे और सरल शब्दों में प्रेषित करें।
- इसी तरह अपने रिज्यूमे में सूचना देने के लिए ग्राफिक्स या टेबल्स का इस्तेमाल न करें। इनके कारण सूचना प्राप्त करने में रुकावट पेश आती है।
- अपने एम्प्लॉयर्स (कंपनी) का नाम पहले लिखें, उसके बाद कार्य अवधि से जुड़ी तारीखें।
- यदि आप मार्केटिंग क्षेत्र में नौकरी के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो रिज्यूमे में केवल ‘मार्केटिंग’ शब्द
का इस्तेमाल करना ठीक नहीं होगा। इसकी बजाय ‘ईवेंट प्रमोशन एवं मार्केटिंग’ (यदि नौकरी के कार्यक्षेत्र के अधीन है) लिखना कहीं बेहतर होगा।

 

 

 

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