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जेएनयू में झूमकर पड़े वोट

चार साल बाद मतदान करने के लिए छात्र-छात्राओं में था जबरदस्त उत्साह, वोट डालने के लिए कतार में लगकर किया इंतजार

हर कोई अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहा। जेएनयू में करीब 6700 से अधिक मतदाता थे जिनमें से चार से साढ़े हजार छात्र-छात्राओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नतीजतन, जेएनयू में करीब 60 फीसदी वोटिंग हुई। जेएनयू में सबसे अधिक 2200 मतदाता स्कूल ऑफ लैंग्वेज में हैं।

सबसे ज्यादा वोटिंग स्कूल ऑफ लैंग्वेज, स्कूल ऑफ सोशल साइंस और पर्यावरण स्कूल में हुई। मतदान की यह पूरी प्रक्रिया दो सत्र में चली। सबसे ज्यादा मतदान दूसरे सत्र में हुआ। पहले सत्र में सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक वोटिंग हुई जहां सुबह साढ़े नौ बजे के बाद छात्र-छात्राओं की लंबी कतार देखने को मिली। कुल मिलाकर इस सत्र में करीब 25 फीसदी वोटिंग हुई। इसके अलावा दूसरे सत्र में दोपहर ढाई बजे से शाम पांच बजे तक जमकर मतदान हुआ। शाम ढलती गई, लेकिन छात्रों को उत्साह कम नहीं हुआ। ढोल-नगाड़े बज रहे थे, तेज नारों की गूंज से हर दल अपनी जीत पुख्ता करने की कोशिश कर रहा था। समर्थकों और छात्रों में चार साल बाद चुनाव की खुशी।

तीन मार्च तक आ जाएगा परिणाम: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में चुनावों का परिणाम तीन मार्च तक आएगा। जेएनयू में ईवीएम से मतदान नहीं होता है। यहां पर मैनुअल तरीके से वोटिंग होती है। जेएनयू में 4 पदों के लिए 27 उम्मीदवार मैदान में है तो 96 उम्मीदवार काउंसलर के पदों के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मत गिनने की प्रक्रिया गुरुवार रात नौ बजे से शुरू हो जाएगी। ऐसे में काउंसलर का परिणाम शुक्रवार को ही घोषित किया जा सकता है जबकि शुक्रवार देर रात तक उपाध्यक्ष, अध्यक्ष, ज्वाइंट सेक्रेटरी और जनरल सेक्रेटरी के परिणाम का एलान हो सकता है।

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