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दूर हैं तो क्या हुआ, वर्चुअल होली है न...

अगर आप इस होली पर आपने दोस्तों और रिश्तेदारों से दूर हैं और दूरी की वजह से अपने परिवारजनों के साथ होली के रंग में सराबोर नहीं हो पा रहे हैं, तो आपको चिंता करने की कतई जरूरत नहीं हैं।

इस कमी को पूरा करने के लिये इंटरनेट पर विभिन्न वेबसाइट्स आपको वर्चुअल होली खेलने की सुविधा दे रही हैं। होली हंगामा डॉट कॉम, कलर्स ऑफ इंडिया डॉट कॉम जैसी वेबसाइट के माध्यम से आप अपने दोस्तों रिश्तेदारों को इंटरनेट पर ही रंग और गुलाल लगा सकते हैं।

दरअसल, वर्चुअल होली के अंतर्गत आप अपने दोस्तों की तस्वीरों को वेबसाइट पर अपलोड भी कर सकते हैं जिसके बाद ऐप्लीकेशन के माध्यम से रंग और गुलाल से उन्हें रंग दिया जाता है। आप इन्हीं तस्वीरों को अपने दोस्तों को भेज सकते हैं और होली का वर्चुअल लुत्फ उठा सकते हैं।

इसके साथ साथ यदि आप कुछ कार्टून किरदारों के साथ होली खेलना चाहते हैं तो यह भी मुमकिन है। आपको करना इतना है कि इंडिया प्रेस डॉट ओआरजी पर लॉग इन करना है जहां इंटरएक्टिव होली ऐप्लीकेशन में आपके सामने कुछ कार्टून किरदारों की फेहरिस्त होगी। इनमें से किसी को भी चुनकर आप ऐनिमेशन के जरिये उन्हें पिचकारी और गुलाल से रंग सकते हैं और अपना स्कोर भी बढ़ा सकते हैं।

साथ ही फेसबुक, ऑर्कुट जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर होली की शुभकामनायें देने के लिये अभी से ही ई-ग्रीटिंग्स का दौर शुरू हो चुका है। इन ई शुभकामना संदेशों में आप अपने दोस्तों की वॉल पर एनिमेटेड पिचकारी और रंग बिरंगे गुलाल उड़ेल सकते हैं।

सोशल नेटवर्किंग विशेषज्ञ और मोहल्ला लाइव के मॉडरेटर अविनाश दास कहते हैं कि इंटरनेट की लोकप्रियता के कारण रिश्तों की गर्माहट फिर से लौटने लगी है। उनका कहना है कि आम तौर पर लोग त्यौहारों को अपनों के साथ ही मनाना चाहते हैं और घर से दूर नौकरी कारोबार या पढ़ाई करने वाले लोग भी त्यौहारों पर अपनों के पास पहुंचने की कोशिश करते हैं, लेकिन वक्त के साथ साथ व्यक्ति की मजबूरियां इस कदर बढ़ती जा रही हैं कि लोग उत्सवों पर भी अपने गांव-घर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में वर्चुअल स्पेस पर लोग आपस में जुड़ सकते हैं और इन माध्यमों से त्योहार मना सकते हैं।

वहीं साइबर गुरू पीयूष पांडे इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका मानना है कि वर्चुअल होली औपचारिकता मात्र ही है। यह मनोरंजन तो प्रदान कर सकता है पर होली का आत्मीय माहौल नहीं दे सकता। पीयूष का कहना है कि ऐसे ऐप्लीकेशन वेबसाइट द्वारा यूजर को वेबसाइट पर ज्यादा समय तक जोड़े रखने के लिये ईजाद किये जाते हैं।

इंजीनियरिंग के छात्र कनिष्क प्रताप का कहना है कि इस बार वह अपने दोस्तों से दूर हैं तो वह अपने दोस्तों को इन ऐप्लीकेशन का प्रयोग करके ही रंग लगाने के लिये तैयार भी हैं।

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