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तय समय पर प्रभावी नहीं हो पाएंगे कर सुधार

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि प्रत्यक्ष कर प्रणाली में प्रस्तावित सुधारों के लिए 'प्रत्यक्ष कर संहिता' (डीटीसी) एक अप्रैल 2012 की समय सीमा तक लागू नहीं हो पाएगी।

साल 2012-13 का आम बजट पेश करते हुए मुखर्जी ने लोकसभा में कहा कि सरकार इस नीति को जल्द लागू करने की दिशा में कदम उठा रही है। वैसे मुखर्जी ने प्रस्तावित सुधारों को लागू करने के लिए कोई नई समय सीमा नहीं बताई है।

मुखर्जी ने अपना सातवां आम बजट पेश करते हुए कहा, ''प्रत्यक्ष कर संहिता विधेयक अगस्त 2010 में संसद में पेश किया गया था और हमारी एक अप्रैल, 2912 तक इस विधेयक को प्रभाव में लाने की इच्छा थी।''

उन्होंने कहा, ''हमें नौ मार्च, 2012 को संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट प्राप्त हुई। हम शीघ्रता से रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे और जल्द से जल्द डीटीसी लागू करने की दिशा में कदम उठाएंगे।'' मुखर्जी ने कहा कि सरकार अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में सुधार के लिए 'वस्तु एवं सेवा कर' (जीएसटी) को भी जल्द लागू करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा, ''वस्तु एवं सेवा कर लागू करने के लिए मार्च 2०11 में संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया था। अभी यह विधेयक संसद की स्थायी समिति के पास विचाराधीन है।'' मुखर्जी ने कहा, ''हम समिति की अनुशंसाओं का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच केंद्र व राज्य के लिए जीएसटी के लिए आदर्श कानून बनाने के लिए राज्यों के साथ विचार-विमर्श चल रहा है।''

मुखर्जी ने सांसदों से प्रस्तावित सुधारों को जल्द लागू करने के लिए समर्थन देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, ''मैं पार्टियों की सीमाओं से परे अपने सभी सहयोगियों से इन ऐतिहासिक कानूनों को जल्द पारित करने के लिए समर्थन देने का अनुरोध करता हूं।'' मुखर्जी ने कहा कि सरकार अगस्त 2012 तक एक जीएसटी नेटवर्क स्थापित करेगी, जहां से पारदर्शी तरीके से सूचनाएं प्राप्त की जा सकेंगी।

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