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अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन में पीएम करें हस्तक्षेपः एसोचैम

उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा है कि दूरसंचार कंपनियों के पास मौजूद अतिरिक्त स्पेक्ट्रम को वापस लेने के मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को हस्तक्षेप करना चाहिए। उद्योग मंडल का मानना है कि इस अतिरिक्त स्पेक्ट्रम का आवंटन सक्षम बोलीदाताओं को उचित बाजार मूल्य पर किया जा सकता है।

एसोचैम ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को चार माह के अर्से में 2जी स्पेक्ट्रम की ताजा नीलामी करनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर मौजूदा नए आपरेटर सरकार से 50,000 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति और मुआवजे की मांग करेंगे।

एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने इस मसले पर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। धूत ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस मसले पर सकारात्मक तरीके से विचार का आश्वासन दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने 2008 में जारी 122 दूरसंचार लाइसेंस रद्द कर दिए थे और साथ ही सरकार को चार माह में नई नीलामी करने का निर्देश दिया था।

एसोचैम ने सुझाव दिया है कि यह नीलामी तीन चरणों में होनी चाहिए जिससे पात्र कंपनियों को समान अवसर मिल सके। एसोचैम ने कहा कि पहले चरण में 4.4 मेगाहटर्ज स्पेक्ट्रम उन कंपनियों को दिया जाना चाहिए जिनके पास सर्किल में कोई स्पेक्ट्रम नहीं है।

दूसरे चरण में 1.8 मेगाहटर्ज स्पेक्ट्रम का आवंटन उन कंपनियों को होना चाहिए जिनके पास किसी सर्किल में 4.4 मेगाहटर्ज से अधिक स्पेक्ट्रम नहीं है। तीसरे चरण में एक मेगाहटर्ज स्पेक्ट्रम का आवंटन उन लाइसेंसधारकों को किया जाना चाहिए जिनके पास 6.2 मेगाहटर्ज तक स्पेक्ट्रम है।

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  • Web Title:अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन में पीएम करें हस्तक्षेपः एसोचैम