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चाणक्य राष्ट्रीय विधि विवि के लिए 71 करोड़ का प्रस्ताव

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सुनियोजित कार्यक्रम तय किए हैं। इसके तहत पटना के चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए बजट में 71 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया गया है। फिलहाल यह विवि यहां के एएन कालेज परिसर में चल रहा है। यह राशि इसके लिए चयनित भूखंड पर भवन निर्माण पर खर्च की जाएगी। वहीं विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी ऑफ नालंदा को खोलने के लिए सरकार 12 करोड़ रुपए देगी।ड्ढr इसके अलावा उच्चस्तरीय प्रबंधन संस्थान के रूप में अस्तित्व में आने वाले यहां के चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के लिए बुनियादी संरचना को विकसित करने और भवन बनाने के लिए 10 करोड़ रुपए का बजट प्राक्कलन प्रस्तावित है। इसके साथ ही सूबे के विभिन्न विश्वविद्यालयों के लिए 12.50 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव है। वहीं विभिन्न अकादमियों को सहायक अनुदान के रूप में 15 लाख और सूर्यनारायण सिंह समाजवादी शोध संस्थान के लिए 10 लाख रुपए के बजट का प्रस्ताव है।ड्ढr ड्ढr कालेजांे से दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने का कारण पूछेगी परीक्षा समितिड्ढr पटना (हि.प्र.)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति छात्रों से दोबारा रजिस्ट्रेशन करानेवाले कॉलेजों से जवाब-तलब करेगी। समिति के उच्च माध्यमिक प्रभाग ने दूसरे स्थान से रजिस्ट्रेशन कराने के मामले का्रे गंभीरता से लिया है। समिति का कहना है कि इससे हजारों छात्रों को इस बार इंटर परीक्षा देने से वंचित होना पड़ा है। हालांकि विभाग का मानना है कि अधिकांश छात्रों द्वारा जानबूझ कर एक से अधिक स्थानों से रजिस्ट्रेशन किया गया। इसी कारण उनको परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं प्रदान की गयी। इस संबंध में समिति के सचिव अनुप कुमार सिन्हा का कहना है कि दूसरी बार किसी भी कॉलेज में नामांकन ऑफ सीजन में होता है। अगर कोई छात्र कॉलेज परित्याग प्रमाण पत्र के साथ नामांकन कराने आता है, तो उसको नामांकन फार्म में यह अंकित करना होता है कि पहले कॉलेज से उसने इंटर परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है या नहीं। इस संबंध में छात्रों से जानकारी नहीं लिए जाने के कारण ही ऐसे परीक्षार्थियों का एक साल बर्बाद हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज का दायित्व है और जिन कॉलेजों ने अपने दायित्व के निर्वहन में कोताही बरती है, उनसे कारण पृच्छा की जाएगी।ड्ढr ड्ढr साथ ही सचिव ने यह भी जोड़ा कि अधिकांश छात्रों ने पहले स्थान से कराए गए रजिस्ट्रेशन को छुपाकर दूसरे स्थान से रजिस्ट्रेशन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे छात्र भी पाए गए हैं, जो राज्य के नामी कॉलेजों में पढ़ रहे हैं और उन्होंने दोबारा रिमोट एरिया से रजिस्ट्रेशन किया। इसका कारण साफ है कि केंद्र बदल कर अधिक नंबर लाने की ललक में उन्होंने यह कदम उठाया है और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

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  • Web Title: चाणक्य राष्ट्रीय विधि विवि के लिए 71 करोड़ का प्रस्ताव