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विधानसभा में 2012-13 के बजट पर चर्चा समाप्त

बिहार विधानसभा में सरकार के जवाब के साथ वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए 78686.82 करोड़ रुपये के बजट पर चर्चा गुरुवार को समाप्त हो गयी।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 2012-13 का बजट विकासोन्मुखी बजट होगा, जिसमें समाज दबे कुचले वर्ग, अनुसूचित जाति जनजाति, महादलित और विकास के अन्य क्षेत्रों पर पहले की तुलना में बड़ी राशि का व्यय होगी।

मोदी ने कहा कि बिहार के साथ पहले अंग्रेजों ने अन्याय किया और अब केंद्र सरकार अन्याय कर रही है। राज्य को विकास की अगली कतार में लाने के लिए बिहार को विशेष दर्जा और मदद चाहिए जैसे केंद्र अन्य राज्यों को करता है।

उन्होंने कहा कि विकसित राज्यों की कतार में शामिल होने के लिए 10 वर्ष तक केंद्र की मदद का राज्य में प्रति व्यक्ति पर सालाना 25 हजार रुपये सम विकास योजना कोष (बीआरजीएफ) के तहत खर्च करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बजट में विकास कार्य पर खर्च की जा रही राशि के संकेत कई रूपों में दिखने लगे हैं। राज्य कई मामलों में आगे निकला है और अभी कई में आगे बढ़ना है। खाद्यान्न उत्पादन में रिकार्ड बढ़ोतरी, स्वास्थ्य में सुधार, शिक्षा में सुधार, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में तेजी और लोक सेवाओं की रिकार्ड समय में उपलब्धता, सड़क निर्माण में निजी पूंजी निवेश विकास के कुछ प्रमुख संकेतक हैं।

वित्त विभाग संभाल रहे मोदी ने कहा कि राजग सरकार के कार्यकाल में 2005-06 से लगातार राजस्व अधिशेष पेश किया गया है। मोदी ने कहा कि राजग के कार्यकाल में लगातार योजना आकार बढ़ा है और 2012-13 के लिए यह बढ़कर 28 हजार करोड़ रुपये हो गया है, जबकि गैर योजना व्यय 45 हजार करोड़ रुपये अधिक होगा।

वित्तीय वर्ष 2011-12 के 24 हजार करोड़ रुपये के योजना आकार की राशि में खर्च करने में सुस्ती का ठीकरा केंद्र पर फोड़ते हुए मोदी ने कहा कि हमें केंद्रीय करों में से 2000 करोड़ रुपया कम मिलने वाला है। सर्वशिक्षा अभियान में राज्य का हिस्सा देने में केंद्र ने हाथ खड़े कर दिये हैं।

अनुसूचित जाति और जनजाति, महादलित पर खर्च को विशेष ध्यान देने का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि 2012-13 में राज्य की 17 फीसदी अनुसूचित जाति और जनजाति पर 4400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। महादलित उत्थान के लिए 2012-13 के बजट में 212 करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है, जबकि महादलितों को रेडियो बांटने के लिए 2011-12 में 88 करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महादलितों को रेडियो बांटने के दूरगामी परिणाम होंगे। सड़क निर्माण पर भी सरकार की प्राथमिकता है। पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग के लिए 2012-13 में 6356 करोड़ रुपये का और शिक्षा के लिए 15 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये गये कार्य के अच्छे परिणाम दिखने लगे हैं। 2010 के आंकडे़ के अनुसार शिशु मृत्यु दर 48 और 2007-09 में मात्र मृत्यु दर में 261 हो गयी है। 2011-12 में धान का रिकॉर्ड 67 लाख टन उत्पादन हुआ है।

2010 में टीकाकरण 66.8 फीसदी रहा है और 2012 में 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। 2011 में बिहार में पोलियो का एक भी मामला नहीं पाया गया, जिसके लिए बिल गेटस ने भी राज्य सरकार को बधाई दी है।

मोदी ने कहा कि राज्य में गरीबी दूर करना एक बड़ा काम है। हर 10 वर्ष पर राज्य की आबादी में 25 फीसदी बढ़ोतरी हो जाती है। इसके लिए नसबंदी को लोकप्रिय बनाया जा रहा है।

एनटीपीसी से महंगी बिजली मिलने के लिए मोदी ने केंद्र को आड़े हाथ लिया। मोदी ने कहा कि कोयले की खान झारखंड बगल में है, लेकिन राज्य को फरक्का, कहलगांव और तालचर से मिलने वाली बिजली का उत्पादन आयातित कोयले से होता है।

इसी कारण बीते चार साल में बिहार को 3129 करोड़ रुपये देकर महंगी बिजली खरीदनी पड़ी। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब को झारखंड और आंध्र प्रदेश से कोयले की आपूर्ति होती है। मोदी ने कहा कि उदारीकरण के दौर में बिहार बहुत पिछड़ता चला गया। उत्तर बिहार में उद्योग धंधा के क्षेत्र में कोई निवेश नहीं हुआ।

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