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6 दिसंबर, 2019|11:23|IST

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स्किन प्रॉब्लम से आपके बच्चे को बचाएंगे ये 6 उपाय

स्किन प्रॉब्लम से आपके बच्चे को बचाएंगे ये 6 उपाय

छोटे बच्चे से प्यारा और उनकी त्वचा से ज्यादा नाजुक कुछ और नहीं। त्वचा नाजुक और मुलायम होती है इसलिए छोटे बच्चों को त्वचा से जुड़ी परेशानियां भी ज्यादा होती हैं। दरअसल, गर्भ के भीतर का वातावरण और जन्म लेने के बाद बाहरी वातावरण में जमीन-आसमान का अंतर होता है। बच्चे की त्वचा को इस बदलाव के अनुरूप ढलने में काफी वक्त लगता है। यही वजह है कि जन्म के बाद बच्चों में त्वचा से जुड़ी परेशानियां जैसे बेबी एक्ने, त्वचा की परत का निकलना, रूखी त्वचा और डाइपर रैशेज आमतौर पर देखी जाती हैं। बच्चे की त्वचा बड़ों की तुलना में नमी को तो तेजी से सोखती है, पर यही नमी जल्दी ही गायब भी हो जाती है। अगर आप अपने बच्चे को त्वचा से जुड़ी परेशानियों से, खासतौर से रैशेज से बचाकर रखना चाहती हैं तो आपको उनकी त्वचा का खास खयाल रखना होगा।

ये नुस्खे हैं उपयोगी

  1. जई का आटा रैशेज की समस्या को दूर करने में उपयोगी होता है। बच्चे के नहाने के पानी में दो चम्मच ओटमील डालें और बच्चे को कुछ देर उस पानी में बिठाएं। यह ध्यान रखें कि त्वचा से जुड़े संक्रमण के दौरान ज्यादा नहाना ठीक नहीं होता। दिन में एक बार कुछ मिनट के लिए इस पानी से नहाना भी पर्याप्त है।
  2. त्वचा की नमी अगर बरकरार रहे तो रैशेज की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। पेट्रोलियम जेली इस काम के लिए उपयोगी है। बच्चे की त्वचा पर जहां रैशेज हैं, वहां दिन भर में दो से तीन बार पेट्रोलियम जेली लगाएं।
  3. खुजली और रैशेज जैसी समस्या से राहत देने में बर्फ की सिंकाई भी उपयोगी साबित होती है। यदि बच्चे को बुखार है तो बर्फ से सिंकाई न करें।
  4. रैशेज से निजात दिलवाने में एलोवेरा जेल प्रभावी होता है। एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देकर खुजली और जलन से राहत देता है।
  5. नारियल तेल, सरसों तेल या ऑलिव ऑयल का दिन में दो से तीन बार इस्तेमाल करने से भी रैशेज से राहत मिलती है। पर हां, सरसों तेल लगाने से बच्चे को जलन हो सकती है।
  6. नीबू  के एक चम्मच रस में उतना ही पानी मिलाएं और रुई से रैशेज पर लगाएं। दस मिनट बाद धो दें।

ये हैं आम परेशानियां

बेबी एक्ने

जन्म के बाद लगभग 20 प्रतिशत बच्चों को यह समस्या होती है। बेबी एक्ने दिखने में छोटे-छोटे मुहांसे या रैशेज जैसा दिखता है। अधिकांश मामलों में त्वचा की यह समस्या अपने-आप ठीक हो जाती है।

त्वचा का निकलना

जन्म के कुछ दिन बाद तक हथेली, एड़ी और शरीर के अन्य हिस्सों से त्वचा की एक परत निकलती है। यह पूरी तरह से सामान्य है। आप डॉक्टर की सलाह पर किसी मॉइस्चराइजिंग क्रीम आदि का इस्तेमाल कर सकती हैं।

रूखी त्वचा

रूखी त्वचा या एग्जिमा की समस्या बच्चों में आम है। रूखी त्वचा के कारण उन्हें खुजली आदि की समस्या भी हो सकती है। इससे बचने के लिए बच्चे को ज्यादा न नहलाएं और नहाने के लिए हमेशा गुनगने पानी का इस्तेमाल करें। हमेशा हल्के शैंपू और क्लींजर का इस्तेमाल करें।

डाइपर रैश

गीली त्वचा के कारण 50 से 60 प्रतिशत छोटे बच्चों को डाइपर रैश की समस्या का सामना कभी-न-कभी करना ही पड़ता है। डाइपर रैश के कारण पैरों के अंदरूनी हिस्से की त्वचा लाल और संवेदनशील हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए बच्चे के निजी अंगों की साफ-सफाई का ध्यान रखें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि वो हिस्सा गीला न रहे।

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