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10 अप्रैल, 2020|11:51|IST

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महिला अफसर भी करेंगी दागी डीआईओएस की जांच

महिलाओं के यौन उत्पीड़न और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोपों में फंसे इलाहाबाद के पूर्व बीएसए व डीआईओएस राजकुमार यादव की जांच महिला अफसर भी करेंगी। शासन से जांच के निर्देश मिलने पर सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने संयुक्त शिक्षा निदेशक महिला सुत्री गायत्री को 28 अक्तूबर को पत्र लिखकर जांच टीम में शामिल कर लिया है।

दरअसल जांच के कुछ बिन्दु दुर्व्यवहार और यौन शोषण से संबंधित हैं। लिहाजा जांच में किसी महिला अधिकारी का होना आवश्यक है जिससे महिला शिकायतकर्ताओं को अपनी बात रखने में संकोच न हो। यही कारण है कि शिक्षा विभाग की वरिष्ठ महिला अधिकारी से जांच में सहयोग मांगा गया है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शासन ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे डीआईओएस राजकुमार को 26 अक्तूबर को पद से हटाते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया था।

जनहित याचिका पर 19 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान पूर्व डीआईओएस राजकुमार यादव के खिलाफ शिक्षिकाओं के यौन शोषण के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि यदि उनके खिलाफ ऐसे गंभीर आरोप हैं तो उन्हें अब तक सस्पेंड क्यों नहीं किया गया। और यौन शोषण की एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई। हालांकि तीन सुनवाई होने के बावजूद राजकुमार को सस्पेंड नहीं किया गया है।

लखनऊ अटैच किए जाने पर भी सवाल उठे हैं जिसके बाद शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद से पूर्व डीआईओएस राजकुमार को बलिया या झांसी जिले के किसी कार्यालय से संबद्ध किए जाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। माना जा रहा है कि राजनीतिक पहुंच के कारण बड़े अफसर भी राजकुमार पर हाथ डालने से बच रहे हैं।

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  • Web Title:Female officers will investigate tainted DIOS