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जमीन के कागजों में हेरफेर कर ठगे 41 लाख रुपये

एक महिला को फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन बेचकर 41 लाख रुपये ठग लिए गए। पहले तो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन बेची फिर साजिशकर्ताओं ने शिकायत कर खुद ही जांच करा ली। इसमें गड़बड़ी सामने आई तो जमीन पूर्व स्वामी के पास वापस चली गई। अब महिला के हाथ से जमीन व 41 लाख रुपये चले गए। सादाबाद तहसील से जुड़ा यह मामला कुछ साल पुराना है। अब शिकायत जिलाधिकारी से हुई है।

मथुरा के थाना हाईवे के बालाजीपुरम निवासी कमलेश देवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें सादाबाद तहसील के राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मियों पर आरोप लगाया। कहा कि उनके साथ साजिश कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए गए। विश्वास में लेकर जमीन बेचकर 41 लाख रुपये की ठगी कर ली। जाट जाति की महिला को जाटव जाति की बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेच दी गई। इसका दाखिला खारिज भी हो गया। आरोप है कि जमीन बिक्री कराने में शामिल एक युवक और रुपयों की मांग करने लगा। इसके बाद उसने जिलाधिकारी के यहां यह शिकायत कराई कि जमीन को फर्जी दस्तावेज तैयार कर खरीदा गया है। जिलाधिकारी ने फिर से तहसीलदार से आख्या मांगी। जब दस्तावेज फर्जी निकले तो दाखिला खारिज को निरस्त कर दिया गया। फिर असल भूमि स्वामी की आपत्ति हुई। तहसीलदार ने एक दिन में सकूनियत को बदल दिया। कमलेश देवी का कहना है कि षड्यंत्रकारी अपने मकसद में कामयाब हो गए। जमीन असल स्वामी के पास आ गई। पूरे प्रकरण में किसी के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई। कमलेश देवी ने सवाल उठाया कि पूर्व में विक्रय स्वीकृति की रिपोर्ट में लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार ने फर्जी दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की। बाद में जब शिकायत हुई तो बात जांच में सामने आईं, वे पहले क्यों नहीं आई। यदि ऐसा होता तो उनके साथ 41 लाख की ठगी न होती। जिलाधिकारी ने जांच का भरोसा दिया।

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  • Web Title:41 lakhs manipulated by land papers