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1 जून, 2020|2:15|IST

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मैनपुरी में कर्ज और गरीबी से परेशान किसान ने घर में लगाई फांसी

थाना क्षेत्र के ग्राम अहमलपुर में कर्ज और गरीबी से परेशान किसान ने फांसी लगा ली। घर के कमरे में उसका शव फंदे पर लटका मिला। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। जानकारी पाकर पुलिस भी पहुंच गई। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने लेखपाल को मौके पर भेजकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने गरीबी से मौत होने से इंकार किया है।

ग्राम अहमलपुर निवासी 40 वर्षीय किसान नरेश शाक्य पुत्र रामसहाय शाक्य ने अपने घर के एक कमरे में फांसी लगा ली। सुबह किसान का शव कमरे में देखा तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मृतक पिछले कई सालों से कर्ज से परेशान था। फसल के लिए उसने स्टेट बैंक से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज लिया था। एक लाख रुपये गांव के ही साहूकारों का भी उसके ऊपर ऋण था। ऋण अदा करने का दबाव था। जिसे किसान सहन नहीं कर पाया और उसने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों से मामले की जानकारी लेने के बाद उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।

मृतक किसान पर 8 बीघा जमीन, 6 बीघा में भरा रहता है पानी

मौके पर जमा मृतक की पत्नी और उसके 13 वर्षीय पुत्र धीरज, 15 वर्षीय पुत्र अभिषेक का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों के मुताबिक नरेश के हिस्से में 8 बीघा जमीन है। पिछले एक साल से इस जमीन के 6 बीघा हिस्से पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है। सिर्फ दो बीघा जमीन पर ही फसल हो पा रही थी। बताया गया है कि अंडनी रजवाह का पानी इस गांव में जमा हो जाता है। जिससे नरेश की जमीन भी पानी में डूबी हुई है। पिछले चार साल से नरेश को फसल से कोई आमदनी नहीं थी। बच्चे उसके छोटे-छोटे हैं। परिवारीजनों के सामने भरण पोषण की समस्या खड़ी थी।

एक लाख से अधिक किसान आपदा से हुए हैं प्रभावित

जिले में आपदा प्रभावित किसानों का दर्द अभी कम नहीं रहा है। जिले में 75 से अधिक किसान खुदकुशी कर चुके हैं। प्राकृतिक आपदा से बीते वर्ष 858 गांव जिले के प्रभावित हुए थे। इस आपदा ने जिले के 181767 किसान प्रभावित हुए थे। किसान संगठन आरोप लगाते रहे हैं कि जिले में आपदा प्रभावित किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। इसको लेकर संगठनों के नेता कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इस मामले में डीएम चंद्रपाल सिंह का कहना है कि किसान नरेश ने पारिवारिक विवाद के बाबत खुदकुशी की है। एसडीएम को मौके पर भेजा गया था। मृतक ने जुलाई में बैंक से ऋण लिया था। बैंक से वसूली का कोई मामला नहीं है। ग्रामीणों ने आपसी विवाद के बाद किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी दी है।

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  • Web Title:Troubled by debt and poverty the farmer hang himself