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मजबूरी में भ्रष्टाचार

एक लंबे अरसे से मेरे मन में यह जानने की इच्छा थी कि भ्रष्टाचार क्या है? भ्रष्टाचार कहां है? भ्रष्टाचार क्यों होता है? कौन है इसकी जननी? जब मैं इसकी चपेट में आया, तो पता चला सरकार ही इसकी जननी है। भ्रष्टाचार कई प्रकार के होते हैं। इनमें चारित्रिक भ्रष्टाचार, घूसखोरी, सरकारी कामों में बेवजह परेशानी होना, समय पर काम न होना, सरकारी कामों में लापरवाही, वगैरह। लेकिन इनमें से चारित्रिक भ्रष्टाचार को लें, तो इसी में सारे भ्रष्टाचार छिपे हैं। अगर मनुष्य अपना चरित्र ठीक रखे, तो संसार से भ्रष्टाचार का नामोनिशान मिट जाएगा। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सवाल है कि हम भ्रष्टाचारी क्यों न बनें? उदाहरण के लिए, अगर हम जाति प्रमाण-पत्र बनाने अंचल या अनुमंडल कार्यालय जाएं, तो वहां जितनी रकम मांगी जाती है, वह दें, तो काम दो दिन में हो जाते हैं। रकम न दें, तो महीनों का समय लगता है। अगर हम रिश्वत न देने पर अड़ जाएं, तो वहां बैठे लोग कानून का पाठ पढ़ाने लगते हैं या फिर बहाना बनाते हैं कि आज यह साहब छुट्टी पर हैं, तो कल बड़ा बाबू नहीं आएंगे। ऐसे में, ईमानदार व्यक्ति को भी भ्रष्ट बनना पड़ता है।  
परितोष कुमार, दुमका
abhay8679@gmail.com

सेना तुझे सलाम

हमारी भारतीय सेना ने म्यांमार की सीमा में घुसकर कई उग्रवादियों को मार गिराया। सेना की यह जवाबी कार्रवाई थी। कुछ दिनों पहले उग्रवादियों के हमले में सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। बहरहाल, इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई से पड़ोसी देशों में हड़कंप मचा है। उनका सोचना है कि आज म्यांमार में कार्रवाई हुई, तो कल उनके यहां भी हो सकती है। पड़ोसी देशों, खासकर पाकिस्तान को सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाब देने पर यकीन करते हैं।
कुंदन शर्मा, बड़वानी, मध्य प्रदेश
ksharma5200@gmail.com

निरर्थक विरोध

विश्व 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की तैयारी कर रहा है। जो हिंदू संस्कृति से संबद्ध देश नहीं हैं, वहां भी योग दिवस की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। परंतु हमारे ही देश में कुछ छद्म धर्मनिरपेक्ष नेता और कुछ मुस्लिम नेता मुस्लिम व ईसाई समाज को यह कहकर बरगलाने में लगे हैं कि यह उनके धर्म के विरुद्ध है। शायद, उन्हें पता नहीं कि योग कोई पूजा पद्धति नहीं, बल्कि शरीर एवं मन को स्वस्थ रखने की एक प्रक्रिया है। योग पुरातन भारतीय संस्कृति एवं चिकित्सा पद्धति का हिस्सा है। आश्चर्यजनक बात यह है कि योग का विरोध मात्र भारत में देखने को मिल रहा है, जबकि संयुक्त राष्ट्र में 150 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया था। 50 देशों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर दी है, जिनमें बांग्लादेश, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, कनाडा, जैसे मुस्लिम व ईसाई देश शामिल हैं।
सतीश भारद्वाज
sat.nitu@gmail.com

सराहनीय जवाब

यह सही है कि हमने जिन सैनिकों की शहादत दी है, उनकी भरपायी नहीं हो सकती। लेकिन उन सैनिकों को मारने वाले उग्रवादियों को उनके इलाके में घुसकर मारने का जो काम भारतीय जवानों ने किया है, वह अपने साथियों को सच्ची श्रद्धांजलि देना है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि भारतीय सेना पर अंकुश न लगे, तो वह देश के दुश्मनों को करारा जवाब दे सकती है। आतंकवादी, उग्रवादी और अलगाववादी, सबसे निपटने में देश की सेना सक्षम है। चिंता तो यह रहती है कि अगर कोई आतंकवादी या उग्रवादी पकड़ा जाता है, तो उसकी कसाब की तरह खातिरदारी की जाती है। इन सबमें करोड़ों रुपये फिजूल में खर्च होते हैं और हासिल कुछ भी नहीं होता। यह समझें कि इस पर राजनीतिक खेल शुरू हो जाता है। इसलिए शहीदों को शत-शत नमन और सेना के जांबाजों को कार्रवाई के लिए बधाई।
यश वीर आर्य
aryayv@gmail.com

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