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नौजवानों से उम्मीदें

किसी भी राष्ट्र को उसकी युवा शक्ति पर गर्व होता है। जोश, जज्बे और जुनून से लबरेज युवा-वर्ग राष्ट्र का भविष्य तय करता है। युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद ने युवा पीढ़ी को राष्ट्र के उन्नयन में सबसे महत्वपूर्ण माना था। लिहाजा ऐसे वक्त में, जब अधिकांश विकसित देश अपनी-अपनी बुढ़ाती जनसंख्या से दो-चार हो रहे हैं, तब भारत को अपनी युवा शक्ति के बल पर विश्व शक्ति बनने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। भारत इस समय विश्व का सबसे युवा देश है। लेकिन इस युवा शक्ति पर गर्व तभी किया जा सकता है, जब युवा सही दिशा में सकारात्मक सोच के साथ बढ़ें।
अभिषेक तिवारी, एमसीयू ,नोएडा

बेतुकी बात
शक्तिमान की दुखद मौत पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने सुझाव दिया है कि घोड़ों को अब हमारे पुलिस बल का हिस्सा नहीं होना चाहिए। कितना अच्छा होता, यदि वह साथ ही यह सलाह भी दे देतीं कि हमारे नेताओं के हाथ में लट्ठ नहीं होना चाहिए।
अशोक दुबे, मोहित नगर, देहरादून


नीतीश की राजनीति
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश की सभी राजनीतिक पार्टियों से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ एक होने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि तमाम विपक्षी पार्टियों को आपसी मतभेद भुलाकर भाजपा और संघ के खिलाफ एक साथ आना चाहिए, तभी देश में सुशासन की लहर दौड़ पाएगी। शायद नीतीश कुमार अपनी इस कोशिश से भाजपा को डराना चाहते हैं, परंतु वास्तव में इस अपील से कहीं-न-कहीं ऐसा लगता है कि वह खुद डरे हुए हैं कि भाजपा के रहते हुए उनकी राष्ट्रीय राजनीति की ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकती। नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को अभी महज दो साल होने वाले हैं और आम चुनाव तीन साल बाद ही होंगे। जिस भारी बहुमत के साथ मोदी प्रधानमंत्री की कुरसी पर बैठे, उसे देखते हुए उनकी सरकार को अगले तीन वर्षों तक कोई खतरा नहीं है। सच तो यह है कि उनकी स्थिति और मजबूत हुई है। उनके मुकाबले का कोई नेता अभी देश में नहीं दिखता। तमाम सर्वे यही दिखा-बता रहे हैं। ऐसे में, अब 2019 के चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार की यह पहल कितनी काम आती है और कोई उन्हें अपना नेता मानता भी है           या नहीं।
मनीष पाण्डेय
दिलशाद गार्डन, दिल्ली

अमानवीय कृत्य
शक्तिमान इस दुनिया से अब जा चुका है। भारतीय जनता पार्टी के संवेदनहीन नेताओं के बयान आए हैं कि शक्तिमान का इलाज ठीक तरह से नहीं किया गया! कितना हास्यास्पद बयान है? पूरी दुनिया ने देखा है कि देश-विदेश के विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों ने शक्तिमान का इलाज किया। अपने अमानवीय कारनामों पर परदा डालने की नीयत से दिए गए ये बयान भाजपा की संवेदनशून्य मानसिकता को ही उजागर करते हैं। हमारी मांग है कि अब इस मामले के आरोपियों पर पशु हत्या का मामला चलाया जाना चाहिए।
राजकुमार जैन, विकासनगर, देहरादून

शक्तिमान की मौत
शक्तिमान की मौत से एक तरफ जहां सब सकते में हैं, वहीं राजनीतिक गलियारों में आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शक्तिमान की मौत पर खेद जताते हुए कहा कि हम सोच रहे थे कि शक्तिमान की हालत में सुधार हो रहा है। दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा है कि जिस तरह मोदी ने राज्य में लोकतंत्र की हत्या की, वैसे ही बीजेपी विधायक ने शक्तिमान पर जानलेवा हमला किया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं बीजेपी नेता अजय भट्ट ने शक्तिमान की मौत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इलाज के नाकाफी इंतजाम के चलते शक्तिमान की मौत हुई।
शुभम कुमार प्रजापति
रूड़की, हरिद्वार

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