DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पत्रकारों पर हमले

आज पत्रकार बड़ी आसानी से निशाना बनाए जाने लगे हैं। अगर उसकी बात पसंद न आए, तो उसे गोली मार दो। यह मानसिकता कहीं-न-कहीं कमजोर कानून-व्यवस्था के कारण भी मजबूत हुई है। रसूखदार लोग चाहते हैं कि मीडिया संस्थान हमेशा उसके हित की ही बात करे, और जो पत्रकार इसमें रुकावट बनता है, उसे रास्ते से हटाने के पूरे उपाय किए जाते हैं। सरकार ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटे व पत्रकारों के लिए सुरक्षित माहौल बनाए।
रजनीश, दिल्ली विश्वविद्यालय

विनाश की राह
मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन आने वाले समय में एक विषम परिस्थिति पैदा करेगा। जैसे जंगलों की अंधाधुंध कटाई से एक तरफ पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, तो वहीं जंगली जानवरों के लिए भी अनुकूल परिस्थिति न होने के कारण वे बस्तियों की तरफ आने लगे हैं। आज एक तरफ जल संकट है, तो दूसरी तरफ जल का अनावश्यक दोहन हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए जिम्मेदार लोगों को ठोस कदम उठाना चाहिए। शाहजहांपुर जनपद में इस तरह का काम हो रहा है। वहां खुले में शौच जैसी समस्या को दूर करने के लिए प्रशंसनीय पहल की गई है। स्थानीय लोगों को इसका खूब फायदा मिलेगा।
अनंत कुमार
बण्डा, शाहजहांपुर

बिजली संकट
देश के कई राज्यों में किसानों को इतनी कम बिजली मिलती है कि उन्होंने कनेक्शन हटा लेना ही बेहतर समझा। खेती के लिए डीजल पंप सेट, ट्रैक्टरों से चलने वाले पंप और हार्वेस्टर मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। बिजली की कमी के कारण नदियों की सफाई के लिए अरबों रुपये की लागत से बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बंद करने पड़ रहे हैं। इस मामले में देश की सबसे बड़ी बिजली कंपनी एनटीपीसी की ओर से बीते दिनों आए एक बयान का जिक्र करना लाजिमी है कि सरकार की उदासीनता और प्रशासनिक असहयोग के कारण, राज्य बिजली बोर्ड जबर्दस्त तंगहाली के शिकार हैं। यह संभावनाशील क्षेत्र प्रशासनिक काहिली के कारण ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई को आकर्षित नहीं कर पा रहा है।
मुकेश विश्वकर्मा
विकास नगर, नई दिल्ली

जनता से मजाक
उत्तर प्रदेश में चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सभी राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार की गति तेज कर दी है। अब सभी दल युवाओं, मजदूरों और किसानों को याद करने लगे हैं। एक दल किसानों के लिए धरने दे रहा है, तो दूसरा दल भी खुद को किसान-हितैषी बनाने का पूरा प्रयास कर रहा है। वहीं कोई गांव-गांव में साइकिल रैली निकाल रहा है, तो कोई जन-संवाद स्थापित करने में जुटा हुआ है। ये सभी दल अपने स्वार्थ के लिए चुनाव तक कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। सब वोट की राजनीति कर रहे हैं। किसी को आम लोगों की चिंता नहीं है। सब अपना दामन सफेद करने में लगे हैं।
गौरव चौधरी, चांदपुर, बिजनौर

पटरी पर लौटती यात्रा
प्रदेश में चार धाम यात्रा ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। जिस तरह से पहले आग और फिर कई जगह बादल फटने की घटनाओं के बावजूद जिस तरह से चार धाम यात्रा के लिए यात्री पहुंच रहे हैं, वह इस बात का इशारा करता है कि इस बार आस्था मौसम पर भारी पड़ेगी। 2013 की आपदा के बाद यह पहली बार है, जब चार धाम के लिए यात्रियों का इतनी ज्यादा संख्या में रजिस्ट्रेशन हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले हफ्ते तक एक लाख से अधिक यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इससे आपदा के बाद पहली बार प्रदेश की आर्थिकी पटरी पर आ रही है। मायूसी झेल रहे व्यापारियों के चेहरे एक बार फिर से खिल उठे हैं। दुआ की जा रही है कि यात्रियों की संख्या में और वृद्धि हो।
सौरभ कंडवाल, ऋषिकेश

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:journalist murder law and order