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बाबा रामदेव ने योग को योगा के छद्म से निकाला : सुबोधकांत

योग को योगा के छद्म जाल से निकाल कर इसे विज्ञानके रूप में स्थापित करने वाले बाबा रामदेव के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। पूरे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में योग रूपी आंदोलन का प्रसार करने में योग गुरु बाबा रामदेव की भूमिका अविस्मरणीय है। उक्त बातें केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण राज्य मंत्री सुबोधकांत सहाय ने जमशेदपुर में आयोजित योग विज्ञान शिविर के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव ने योग को पूरे विश्व में स्थापित करते हुए इसे तमाम बहस से निकाल कर एक नया स्वरूप प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि मैंने हरिद्वार में पतंजलि योग के कई विकासात्मक कार्य देखे हैं। महाराज मात्र योग से ही लोगों को स्वस्थ नहीं बना रहे बल्कि लोगों को कैसे स्वस्थ भोजन प्राप्त हो, इस दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। ऋषि रामदेव ने देश में फिर से कृषि को स्थापित कर दिया है। यदि बाबा का कृषि आधारित प्रयास झारखंड में भी हो और यदि यहां के गांवों के किसानों के मटर-टमाटर को उद्योग के रूप में सम्मान मिल जाये तो झारखंड के लिए एक उपलब्धि होगी। शिविर को संबोधित करते हुए झारखंड के उपमुख्यमंत्री सुधीर महतो ने कहा कि योग के क्षेत्र में क्रांति का नाम है स्वामी रामदेव।ड्ढr उन्होंने कहा कि बाबा झारखंड में भी योग तथा आयुर्वेद से संबंधित संस्थान खोलें ताकि यहां के लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव को यहां संस्थान स्थापना की दिशा में हर संभव मदद मिलेगी। जमशेदपुर स्थित गोपाल मैदान में छह दिवसीय योग शिविर के पहले दिन 10 हजार लोगों ने बाबा के योग का लाभ लिया। इस अवसर पर उपरोक्त अतिथियों के अलावा टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक बी मुत्थुरमण, उनकी धर्म पत्नी सुमति मुत्थुरमण, पश्चिम जमशेदपुर के विधायक सरयू राय, उपायुक्त नितिन मदन कुलकर्णी, पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार सिंह सहित कई गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।

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