नोएडा में बारात में आए युवक को सड़क पर घसीट कर पीटा, जबरन गाड़ी में ले जाने की कोशिश
नोएडा के छपरौली गांव में एक युवक से मारपीट का मामला सामने आया है। युवक एक शादी समारोह में आया था, जहां कुछ लोगों ने उससे मारपीट की। घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने पीड़ित से शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

नोएडा के छपरौली गांव में एक युवक से मारपीट का मामला सामने आया है। युवक एक शादी समारोह में आया था, जहां कुछ लोगों ने उससे मारपीट की। घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने पीड़ित से शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र के छपरौली गांव में 10 फरवरी की रात विवाद के बाद एक युवक को सड़क पर घसीटकर लात-घूसों से बेरहमी से पीटा गया। घटना के तीन दिन बाद वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने पीड़ित से शिकायत लेकर जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो एक मिनट 11 सेकेंड का है, जिसे मोबाइल से बनाया गया है। वीडियो में सफेद शर्ट-पैंट पहने एक व्यक्ति जमीन पर गिरा पड़ा है। उसे करीब आधा दर्जन लोग घेरे हुए हैं और उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। वहीं, एक आदमी लाठी लिए हुए है। वह भी करीब पांच से छह बार उस युवक को मार रहा है। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति युवक का कॉलर खींचकर उसे गाड़ी की तरफ ले जा रहा है और बोल रहा है उसे गाड़ी में डालो।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने इसका संज्ञान लिया। बताया जा रहा है कि घटना 10 फरवरी की रात की छपरौली गांव की है। गांव में एक शादी समारोह था। उसी शादी समारोह में शाहपुर गांव निवासी हिमांशु भी आया था। छपरौली गांव में हिमांशु की मौसी रहती हैं। उन्हीं के परिवार में शादी थी। उसका कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। इसके बाद मारपीट हुई। पुलिस का कहना है कि पीड़ित ने अब शिकायत दी है, जिस पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


