हां, मैं दिमागी नक्सल हूं क्योंकि...; अरविंद केजरीवाल ने पीएम की बात को खुद पर लिया
आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ‘हां, मैं भी हूं दिमागी नक्सल।’

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया है। केजरीवाल ने पीएम मोदी की ओर से की गई टिप्पणी का अर्थ निकालते हुए खुद को भी उसी श्रेणी में रखा। केजरीवाल ने कहा कि पीएम ने सवाल उठाने वालों, व्यवस्था में बदलाव चाहने वालों और देशभक्तों को दिमागी नक्सल बताया है। पूर्व सीएम ने कहा कि यदि आज भगत सिंह और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जिंदा होते, तो पीएम मोदी उन्हें भी 'दिमागी नक्सल' बता देते। केजरीवाल से पहले पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने खुद को दिमागी नक्सल कहा तो जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी अपने लिए इस संबोधन का इस्तेमाल किया।
अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को पीएम मोदी के भाषण का छोटा सा हिस्सा अपने वीडियो में जोड़ते हुए पहले वह बयान सुनाया और फिर उन्होंने इसकी अपनी व्याख्या की। केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी के हिसाब से दिमागी नक्सली वे लोग हैं जो सवाल उठाते हैं या व्यवस्था बदलना चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमागी नक्सल कौन है, जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत रखता है, प्रधानमंत्री जी के हिसाब से वह दिमागी नक्सल है। जो सड़ी गली व्यवस्था को बदलना चाहता है, जो अच्छे सरकारी स्कूल चाहता है, जो अच्छे सरकारी अस्पताल चाहता है। जो बिजली चाहता है, पानी चाहता है, सीवर चाहता है,ड्रेनेज चाहता है, अच्छी व्यवस्था चाहता है, भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता है... वह प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमागी नक्सली है। जो प्रधानमंत्री और बीजेपी से डरता नहीं है, जो विकसित भारत का सपना देखता है, वह प्रधानमंत्री जी के हिसाब से दिमागी नक्सल है।'
मैं दिमागी नक्सल हूं क्योंकि…: केजरीवाल
पूर्व सीएम ने आगे महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का भी नाम लिया और कहा कि यदि वे जिंदा होते तो पीएम उन्हें भी दिमागी नक्सली कहते। केजरीवाल ने कहा, 'आज अगर भगत सिंह जिंदा होते तो प्रधानमंत्री जी भगत सिंह को भी दिमागी नक्सल बोलते। आज अगर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जिंदा होते जिन्होंने सबकी बराबरी के लिए लड़ाई लड़ी थी, बाबा साहब को भी प्रधानमंत्री जी नहीं छोड़ते, उनको भी दिमागी नक्सली कहते। मैं अरविंद केजरीवाल आपके हिसाब से दिमागी नक्सली हूं, क्योंकि मैं देशभक्त हूं, और मुझे इस बात का गर्व है। यदि देश के खिलाफ कोई कुछ बोलेगा या करेगा, केजरीवाल पूरी ताकत के साथ उसका मुकाबला करेगा, जय हिंद।'
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश से नक्सलवाद के खात्मे का जिक्र किया और कहा कि चुनौती को कभी भी कमतर नहीं आंकना चाहिए क्योंकि 'हथियारी नक्सल' भले ही खत्म हो गए हों, लेकिन ''दिमागी नक्सली' अब भी मौके की तलाश में हैं। उन्होंने नक्सलवाद को खत्म करने में अपनी सरकार की उपलब्धि की चर्चा करते हुए कहा, '2014 में जब हमें मौका मिला तो हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने का संकल्प लिया गया। आज खुशी है कि नक्सलवाद के पास आखिरी सांस लेने की भी ताकत नहीं रही।' मोदी ने आगाह किया कि इस चुनौती को अब भी कमतर नहीं आंकना चाहिए और सतर्क रहना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों में 'हथियारी नक्सल' के खिलाफ सफलता मिली है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' मौके की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं और समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं।


