यमुना सिटी के 6 सेक्टरों में 130 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की तैयारी, क्या वजह
यमुना सिटी में 130 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की तैयारी है। इनके आवंटियों ने यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद अब तक भूखंड की रजिस्ट्री नहीं कराई। उन्हें 10 दिन का समय दिया गया था।

यमुना सिटी में 130 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की तैयारी है। इनके आवंटियों ने यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद अब तक भूखंड की रजिस्ट्री नहीं कराई। उन्हें 10 दिन का समय दिया गया था।
प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-24, 24ए, 28, 29, 32, 33 के करीब 366 औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों को 21 नवंबर को नोटिस जारी किए गए थे। इन आवंटियों को 10 दिनों का समय देते हुए भूखंडों की रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया था। इसके बाद सिर्फ 76 आवंटियों ने ही अपने औद्योगिक भूखंड की रजिस्ट्री कराई, जबकि 58 आवंटियों ने नोटिस का जवाब दिया, लेकिन अभी तक दस्तावेज जमा नहीं कराए। 48 आवंटियों ने रजिस्ट्री न कराने के पीछे भूमि विवाद और जीरो पीरियड समेत अन्य कारण बताए, लेकिन 130 आवंटियों ने न तो अभी तक प्राधिकरण के नोटिस का कोई जवाब दिया और ना ही दस्तावेज जमा कराए। ऐसे में प्राधिकरण ने इन आवंटियों के भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सीईओ आरके सिंह की अध्यक्षता में बैठक कर जल्द ही कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे उद्यमी संघ के अध्यक्ष रिषभ निगम ने कहा कि प्राधिकरण से नोटिस मिले हैं, लेकिन इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अभी तक नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त न होना है। सेक्टर-32 और 33 में पहली औद्योगिक भूखंड योजना वर्ष 2013 में आई थी, लेकिन 12 वर्ष बाद भी करीब 115 आवंटियों को आज तक उनके भूखंड नहीं मिल सके।
इलाके में 94 प्रतिशत भूखंड खाली: यमुना सिटी में आवंटन के बावजूद 94 फीसदी औद्योगिक भूखंड खाली हैं। कई वर्ष बाद भी इकाइयां शुरू नहीं हो पाईं। औद्योगिक विकास विभाग उत्तर प्रदेश के सर्वे में यह तथ्य सामने आ चुके हैं। यीडा क्षेत्र में 3476 भूखंडों का सर्वे हुआ, जिसमें 3,264 यानी करीब 94 प्रतिशत भूखंड आवंटन के बाद भी खाली पड़े मिले। हालांकि, सर्वे अभी पूरा नहीं हुआ है।
औद्योगिक सेक्टरों में कार्रवाई होगी
यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों में तीन हजार से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन हो चुका है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 14 कंपनियां ही संचालित हो पाई हैं। कैग रिपोर्ट के अनुसार पहली औद्योगिक भूखंड योजना वर्ष 2013 में आई थी, लेकिन वर्ष 2022 तक एक भी कंपनी शुरू नहीं हो सकी। हालांकि, नोएडा एयरपोर्ट के संचालन का समय नजदीक होने के चलते प्राधिकरण अब औद्योगिक गतिविधियों को तेज कराने में जुटा है।
नगेंद्र प्रताप सिंह, एसीईओ, यमुना विकास प्राधिकरण, ''130 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की तैयारी है। जल्द ही बैठक कर इस पर फैसला लिया जाएगा। निरस्त होने वाले भूखंडों को दूसरी कंपनी को दिया जाएगा, ताकि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेज हो सकें।''





