
नोएडा एयरपोर्ट के पास गरजा बुलडोजर, दनकौर में 500 करोड़ की जमीन कब्जा मुक्त
यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) ने दनकौर क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण करने वाले माफिया पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 4.6 हेक्टेयर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 500 करोड़ रुपये है।
यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) ने बुधवार को दनकौर में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। टीम ने सरकारी और प्राधिकरण की अधिसूचित भूमि पर बने टिनशेड, कच्ची-पक्की दीवारें, स्थायी और अस्थायी निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर करीब 500 करोड़ की भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया।
यमुना प्राधिकरण के मुताबिक दनकौर में कॉलोनाइजर और माफिया ने करीब 4.6 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ था। वे अवैध निर्माण कर प्लॉटिंग कर रहे थे। प्राधिकरण को इसके बारे में शिकायत मिली थी। इस पर प्राधिकरण की टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत खसरा नंबर 211 पर हो रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कराकर करीब 500 करोड़ की भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया। बताया गया कि यह भूमि यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर बनने वाले इंटरचेंज से प्रभावित किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंड देने के लिए है। इसके साथ ही, अन्य भूमि पर कई विशेष परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इस कार्रवाई से यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक और शहरी विकास के लिए आरक्षित भूमि पूर्ण रूप से मुक्त हो गई।
ओएसडी शैलेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी प्राधिकरण की भूमि पर अतिक्रमण करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी से लागत वसूलने के साथ उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
दोपहर से शाम तक कार्रवाई चली
यमुना विकास प्राधिकरण की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। दोपहर करीब 12 बजे कार्रवाई शुरू हुई, जोकि शाम पांच बजे तक चली। इस दौरान छह से अधिक बुलडोजर ने अवैध रूप से खड़ी की गई टिनशेड, पक्की-कच्ची दीवारें, झोपड़ियां तथा अन्य स्थायी-अस्थायी निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। वहीं, टीम की कार्रवाई देख आसपास मौजूद कॉलोनाइजर भाग खड़े हुए।
कई अवैध कॉलोनी आकार ले चुकीं
यमुना प्राधिकरण का क्षेत्र गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस तक है। ऐसे में अतिक्रमण रोकना चुनौती पूर्ण कार्य है। कॉलोनाइजर नोएडा एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक के निकट होने का दावा कर लोगों को भूखंड बेच रहे हैं।
इनमें भूखंडों का क्षेत्रफल 50 से 200 गज तक है। यहां आवास के लिए रिहायशी जमीन 16000-18000 प्रति वर्गमीटर और व्यावसायिक जमीन 18,000 से 20,000 रुपये प्रति गज के रेट पर बेची जा रही है। यही कारण है कि नोएडा एयरपोर्ट के पास कई अवैध कॉलोनी आकार ले चुकी हैं। कॉलोनाइजर्स ने यहां फर्जी टाउनशिप दिखाकर ब्रॉशर छपा रखे हैं।
इतना ही नहीं कॉलोनाइजर्स ने पक्की सड़क तक बना ली है। कॉलोनाइजर नोएडा एयरपोर्ट के पास 15 हजार रुपये गज के रेट पर लोगों को भूखंड का फर्जी बैनामा थमाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं।





