
यमुना सिटी बसाने के लिए 36 हजार एकड़ भूमि खरीदी, अब 46 नए सेक्टर बसाने की तैयारी
यमुना विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2041 के तहत अब तक 36 हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया है, जहां 52 सेक्टर विकसित हो चुके हैं और अब 46 नए सेक्टरों को बसाने के लिए बुनियादी ढांचे पर काम शुरू कर दिया गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे फेज-1 मास्टर प्लान 2041 के तहत यमुना सिटी को विकसित करने के लिए 36 हजार एकड़ भूमि खरीदी जा चुकी है। यहां कई विकास परियोजनाएं जारी हैं। साथ ही, शहर ने भी धीरे धीरे आकार लेना शुरू कर दिया है।
यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र छह जिलों तक फैला
प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र छह जिलों तक फैला है। इसमें गौतमबुद्ध नगर के अलावा अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा भी शामिल हैं। फेज-1 में मास्टर प्लान 2041 के अनुसार गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के गांवों का विकास होना है, जबकि अन्य जिले फेज-2 के तहत विकसित किए जाएंगे। फेज-1 के मास्टर प्लान 2041 में कुल एक लाख एकड़ भूमि आरक्षित है। इसमें से जेवर क्षेत्र की कुल 78 हजार एकड़ भूमि में यमुना सिटी को विकसित किया जाना है। लगभग 25 वर्षों से अब तक प्राधिकरण 78 हजार में से कुल 36 हजार एकड़ यानी करीब 46 प्रतिशत भूमि की खरीद कर चुका है।
52 सेक्टर हो चुके हैं विकसित
प्राधिकरण के अनुसार अब तक शहर में करीब 52 सेक्टर विकसित हो चुके हैं, जबकि 46 नए सेक्टरों को विकसित करने की तैयारी चल रही है। यहां सीवर, जल आपूर्ति और ड्रेनेज की सुविधा के लिए सर्विस प्लान तैयार कराया जा रहा है। शहर के आवासीय सेक्टर-18 और 20 में काफी सड़कें बन चुकी हैं। जहां विवाद है, वहां पर किसानों से वार्ता कर जमीन खरीदी जा रही है। इसके अलावा औद्योगिक सेक्टर-24ए, 24, 28, 29, 32, 33 में अधिकांश विकास कार्यों को पूरा किया जा चुका है। नोएडा एयरपोर्ट तक सड़कें बनाने के लिए जमीन की खरीद जारी है। नए विकसित हो रहे सेक्टर- 4, 5, 5ए, 8ए, 8डी, 8एफ में टोपो ग्राफिकल सर्वे के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी हो चुका है।
22 हजार एकड़ क्षेत्र कृषि भूमि
मास्टर प्लान की कुल एक लाख एकड़ भूमि में लगभग 22 हजार भूमि कृषि क्षेत्र की है। यहां पर शहर के विकास को लेकर अभी योजना तैयार नहीं है। हालांकि, यह प्राधिकरण का अधिसूचित क्षेत्र है, जहां भविष्य में विकास परियोजना को उतारा जा सकेगा। भविष्य में मास्टर प्लान रिवाइज होने पर इस भूमि को मास्टर प्लान में शामिल कर यहां विकास परियोजनाओं को उतारा जाएगा। फिलहाल इस भूमि पर किसान फसल उगा रहे हैं।
किस श्रेणी में कितने भूखंड आवंटित किए
औद्योगिक: 3116 भूखंड
आवासीय: 30,011 भूखंड
ग्रुप हाउसिंग: 22 भूखंड
संस्थागत: 14 भूखंड
टाउन शिप: 13 भूखंड





