यमुना सिटी में 366 प्लॉटों पर संकट, रजिस्ट्री नहीं कराने वाले आवंटियों के प्लॉट होंगे रद्द
यमुना सिटी के 366 आवंटियों के औद्योगिक प्लॉट निरस्त करने के तैयारी शुरू हो गई है। यमुना विकास प्राधिकरण ने चेकलिस्ट जारी होने के बावजूद रजिस्ट्री न कराने पर इन आवंटियों को 30 दिन का समय देते हुए नोटिस जारी किया है।

यमुना सिटी के 366 आवंटियों के औद्योगिक प्लॉट निरस्त करने के तैयारी शुरू हो गई है। यमुना विकास प्राधिकरण ने चेकलिस्ट जारी होने के बावजूद रजिस्ट्री न कराने पर इन आवंटियों को 30 दिन का समय देते हुए नोटिस जारी किया है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के सेक्टर-24, 24ए, 28, 29, 30, 32 औद्योगिक सेक्टर हैं। सेक्टरों में अब तक तीन हजार से अधिक औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं। कई वर्ष बीतने के बावजूद अब तक सिर्फ 15 कंपनियों में ही उत्पादन शुरू हो पाया है।
वहीं, दिसंबर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान प्रस्तावित है, ऐसे में प्राधिकरण शहर में औद्योगिक गतिविधियां तेज करने पर जोर दे रहा है। जिन 366 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटियों को नोटिस भेजे गए हैं, इन्होंने चेकलिस्ट मिलने के बावजूद प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं कराई है। इन सभी आवंटियों को 30 दिन का समय दिया गया है।
रजिस्ट्री के बाद ही प्लॉट का कब्जा दिया जाता है और तभी लेआउट पास करवाकर निर्माण शुरू किया जा सकता है। यदि उन्होंने इस समय अवधि में रजिस्ट्री नहीं कराई, तो उनके प्लॉटों का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।
यमुना सिटी में 94 प्रतिशत भूखंड खाली: यमुना सिटी में आवंटन के बावजूद 94 फीसदी औद्योगिक प्लॉट खाली हैं। इन पर कई वर्ष बाद भी औद्योगिक इकाई शुरू नहीं हो पाई। औद्योगिक विकास विभाग के सर्वेक्षण में यह बात सामने आ चुकी है। यीडा क्षेत्र में 3476 प्लॉटों का सर्वे हुआ, जिसमें 3,264 यानी करीब 94 प्रतिशत प्लॉट आवंटन के बाद भी खाली पड़े मिले। यह आंकड़ा प्रदेश के अन्य सभी प्राधिकरणों के मुकाबले सबसे अधिक है। हालांकि, सर्वे पूरा नहीं हुआ है।
उद्यमी बोले, सेक्टरों में मूलभूत सुविधा तक नहीं
यमुना एक्सप्रेसवे उद्यमी संघ के अध्यक्ष रिषभ निगम ने कहा कि प्राधिकरण से नोटिस प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अभी तक नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त न होना है, जो रजिस्ट्री के लिए अहम है। साथ ही सेक्टर-32 व 33 में पहली औद्योगिक प्लॉट योजना वर्ष 2013 में आई थी, लेकिन 12 वर्ष बाद भी करीब 115 आवंटियों को आजतक उनके प्लॉट नहीं मिल सके हैं। सेक्टर की संपूर्ण भूमि का अधिग्रहण नहीं हो सका है। सेक्टरों में 75 मीटर और 30 मीटर दोनों ही सड़कें अधूरी है। दोनों सेक्टरों में अन्य बुनियादी सुविधाएं जैसे सीवरेज सिस्टम, ड्रेनेज सिस्टम, जल आपूर्ति, विद्युत आपूर्ति प्रणाली भी पूरी नहीं है। सेक्टर-33 की मुख्य प्रवेश सड़क (सेक्टर-32 के पावर सब-स्टेशन के सामने 75 मीटर रोड से) जो कि औद्योगिक सेक्टर-33 का मुख्य प्रवेश द्वार है अबतक निर्मित नहीं है। सेक्टरों में सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम नहीं है।
नगेंद्र प्रताप, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यीडा, ''ऐसे आवंटी, जिन्हें चेकलिस्ट जारी हो चुकी, लेकिन रजिस्ट्री नहीं करा रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। 30 दिनों में यदि रजिस्ट्री नहीं कराई जाएगी तो प्लॉट आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।''




