
पहलवान सुशील कुमार ने सागर धनखड़ हत्याकांड में डाली नियमित जमानत याचिका, क्या दलील?
पहलवान सुशील कुमार ने पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड में नियमित जमानत की मांग करते हुए दिल्ली की एक अदालत में याचिका डाली है। उन्होंने बदले हुए हालात को देखते हुए अर्जी डाली है।
पहलवान सुशील कुमार ने सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में नियमित जमानत के लिए नई याचिका दाखिल की है। उन्होंने बदले हुए हालातों का हवाला देते हुए कहा है कि अब रोहिणी कोर्ट ने सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं। ऐसे में अब सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित किए जाने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। पहलवान सुशील कुमार की ओर से रोहिणी की अदालत में नियमित जमानत की मांग करते हुए याचिका दाखिल की गई है।
क्या दलील?
याचिकाकर्ता सुशील कुमार की ओर से बताया गया है कि रोहिणी कोर्ट ने सभी अहम गवाहों से पूछताछ कर ली है। मौजूदा सूरते हाल काफी बदल गए हैं क्योंकि सभी अहम गवाहों से पूछताछ हो चुकी है। ऐसे में आरोपी के पास सबूतों में हेरफेर करने या गवाहों को प्रभावित करने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में याचिकाकर्ता को नियमित जमानत दी जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर लगा दी थी रोक
बता दें कि सुशील कुमार 2021 में मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में आरोपी हैं। उनको मार्च 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने रेगुलर बेल दी थी। हालांकि, 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए इस नियमित जमानत को रद्द कर दिया था कि अहम गवाहों से अभी तक पूछताछ नहीं हुई है। ऐसे में आरोपी सुशील कुमार को रेगुलर बेल नहीं दी जा सकती है।
तब दी थी उम्मीद की किरण
हालांकि तब सुप्रीम कोर्ट ने सुशील कुमार को उम्मीद की एक किरण भी दिखला दी थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि हालात बदलने पर या जब भी नए आधार सामने आएं तो संबंधित अदालत में नई बेल अर्जी दाखिल की जा सकती है। अब सुशील कुमार की ओर से कहा गया है कि जिस आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने रेगुलर बेल रद्द की थी वह अब मौजूद नहीं है।
अब सुप्रीम कोर्ट की शर्त पूरी होने की कही बात
सुशील कुमार की ओर से अदालत को बताया गया है कि अब सभी अहम गवाहों से पूछताछ हो चुकी है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को यह भी बताया गया है कि मामले में 222 गवाह हैं जिनमें से 42 अहम गवाहों जिनमें घायल भी शामिल हैं। इन सबसे पहले ही पूछताछ हो चुकी है।यह मामला अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज करने के स्टेज पर है।
हिरासत में रखने का कोई फायदा नहीं
अर्जी वकील आरएस मलिक के जरिए दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि सुशील कुमार को आगे न्यायिक हिरासत में रखने का कोई फायदा नहीं होगा। लगातार जेल में रहना उनके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। अब सुशील कुमार की ओर से दाखिल याचिका पर कल रोहिणी कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।
क्या हैं आरोप?
आरोप है कि 4 और 5 मई, 2021 की दरमियानी रात को लगभग 11:30 बजे सागर धनखड़ को कथित तौर पर शालीमार बाग और मॉडल टाउन से किडनैप किया गया और दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग एरिया में ले जाया गया। वहां आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर हमला किया। सागर धनखड़ की उसी दिन इलाज के दौरान मौत हो गई थी। सुशील कुमार अर्जुन अवॉर्ड, राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड और पद्म श्री से सम्मानित हैं।

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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