विश्व धरोहर दिवस : दिल्ली में पर्यटकों की पहली पसंद बनी कुतुब मीनार, 73 मीटर ऊंची इमारत का क्या इतिहास?

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली के पर्यटन स्थल में भले ही पहला जिक्र लाल किले का आता हो, लेकिन सबसे अधिक पर्यटक कुतुब मीनार का दीदार करने पहुंच रहे हैं। बीते वर्ष के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं।

New Delhi, India - Jan. 31, 2026: Qutub Minar premises seen in the backdrop of blue and clear sky in the afternoon  in New Delhi, India, on Saturday, January 31, 2026.  (Photo by Vipin Kumar/ Hindustan Times)

राजधानी दिल्ली में विश्व धरोहर से लेकर कई ऐतिहासिक स्मारक हैं। यहां मौजूद सदियों के इतिहास से रूबरू होने के लिए हर साल बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटक आते हैं। ये स्मारक न केवल देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर रहे हैं, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। दिल्ली के पर्यटन स्थल में भले ही पहला जिक्र लाल किले का आता हो, लेकिन सबसे अधिक पर्यटक कुतुब मीनार का दीदार करने पहुंच रहे हैं। बीते वर्ष के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं।

क्या कहते हैं ASI के आंकड़े

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू पर्यटकों के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल में कुतुब मीनार तीसरे स्थान पर है। यहां बीते साल 32.04 लाख पर्यटक घूमने आए। वहीं, चौथे स्थान पर लाल किला है। यहां 28.84 लाख घरेलू पर्यटक पहुंचे। घरेलू के साथ विदेशी सैलानी भी सल्तनत कालीन इस स्मारक का दीदार करने पहुंच रहे हैं। वहीं, देशी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद ताजमहल बना हुआ है। यहां बीते साल 62 लाख घरेलू और छह लाख विदेशी सैलानी आए। भारत में दूसरा पसंदीदा पर्यटन स्थल ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर है। यहां बीते साल 40 लाख पर्यटक आए थे।

Qutub Minar visitors data

स्मारकों में आज निशुल्क प्रवेश

एएसआई के स्मारकों में विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर पर्यटकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

इंडो-इस्लामी वास्तुकला की बेहतरीन मिसाल

विशेषज्ञ बताते हैं कि कुतुब मीनार इसलिए भी खास है क्योंकि यह बारीक नक्काशी इंडो-इस्लामिक वास्तुकला की मिसाल है। लगभग 73 मीटर ऊंची कुतुब मीनार लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी है। यह मीनार अपनी ऐतिहासिक अहमियत, शानदार वास्तुकला के कारण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसे 13वीं सदी की शुरुआत में कुतुब-उद्दीन ऐबक ने बनवाना शुरू किया था। इसके बाद उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने इसे पूरा किया। लाल किला मुगल सम्राटों का मुख्य निवास स्थान था। 1638 में शाहजहां ने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली स्थानांतरित की और दिल्ली के सातवें शहर शाहजहांबाद की नींव रखी।

रिपोर्ट : आशीष सिंह

Praveen Sharma

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प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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