
नोएडा थाने में महिला वकील से यौन उत्पीड़न, आरोप के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मांगा CCTV फुटेज
एक महिला वकील ने नोएडा के सेक्टर-126 पुलिस थाने में अपने साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस मामले में महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब कोर्ट ने यूपी पुलिस को नोटिस भेजा है।
एक महिला वकील ने नोएडा के सेक्टर-126 पुलिस थाने में अपने साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस मामले में महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने कथित घटना का सीसीटीवी फुटेज सीलबंद लिफाफे में मांगा है। महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया है और हिरासत के दौरान उन्हें यातना भी दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा पुलिस को नोटिस जारी किया और कहा कि यह सीसीटीवी फुटेज को ब्लॉक करने का मामला है। कोर्ट ने यह बताते हुए कि वह पहले से ही पुलिस स्टेशनों में चालू सीसीटीवी सुनिश्चित करने जैसे बड़े मुद्दे से निपट रही है। जस्टिस विक्रम नाथ और एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि कोर्ट आमतौर पर ऐसे मामलों पर विचार नहीं करता है। हालांकि, गंभीर आरोपों को देखते हुए और चूंकि यह मुद्दा सीसीटीवी कैमरों को ब्लॉक करने से भी संबंधित है, इसलिए कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज मांगी है।
जजों ने 7 जनवरी तक यूपी पुलिस से जवाब मांगा और आदेश देते हुए कहा कि गौतम बुद्धनगर के पुलिस कमिश्नर यह सुनिश्चित करें कि पुलिस स्टेशन में संबंधित अवधि का सीसीटीवी फुटेज डिलीट न किया जाए और उसे सीलबंद लिफाफे में रखा जाए।
याचिकाकर्ता एक महिला वकील हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनको 3 दिसंबर की रात से नोएडा सेक्टर 126 के पुलिस स्टेशन में वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की 14 घंटे तक अवैध हिरासत, हिरासत में यौन उत्पीड़न, यातना और जबरदस्ती का सामना करना पड़ा। महिला ने कहा कि वो अपने एक क्लाइंट की मदद करने के लिए थाने गई थीं।
महिला वकील द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता को अपना कर्तव्य पालन करने के दौरान एफआईआर दर्ज कराने के लिए जोर देने के लिए निशाना बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि इस दौरान थाने में महिला वकील के साथ हिरासत में कथित तौर पर यौन उत्पीड़ना का सामना करना पड़ा। इसमें बताया गया कि एसएचओ सहित पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला वकील के साथ उत्पीड़न किया और उन्हें धमकियां भी दीं।

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