पापा ने मम्मी की हत्या की है, नाबालिग बेटों ने दिल्ली पुलिस को बताया घटना का सच
दिल्ली में एक पति ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि यह घटना घरेलू विवाद के कारण हुई। पति द्वारा पुलिस के सामने हत्या करने की बात से इनकार करने पर उसके दो नाबालिग बेटों ने घटना का सच सामने ला दिया। पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया है।

दिल्ली में एक पति ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि यह घटना घरेलू विवाद के कारण हुई। पति द्वारा पुलिस के सामने हत्या करने की बात से इनकार करने पर उसके दो नाबालिग बेटों ने घटना का सच सामने ला दिया। पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया है।
दिल्ली के सुल्तानपुरी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक पति ने घरेलू विवाद के बाद कथित तौर पर अपनी पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी। खबरों के अनुसार, दंपति के नाबालिग बेटों ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने ही उनकी मां की हत्या की है।
शनिवार को हुई घटना के समय 10 और 13 साल की आयु के दो लड़के घर में मौजूद थे। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को दोपहर करीब 12 बजे सुल्तानपुरी के पी ब्लॉक इलाके में स्थित एक घर में झगड़े की सूचना पीसीआर कॉल के जरिए मिली। मौके पर पहुंचने पर पुलिस टीम ने महिला को कमरे में लेटे हुए पाया। महिला के गले में दुपट्टा बंधा हुआ था।
शराब के नशे में लग रहा उसका पति घटनास्थल पर ही मौजूद था। महिला को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पहले तो पति ने हत्या की बात से इनकार किया, लेकिन उसके बेटों ने पुलिस के सामने घटना का सच उजागर कर दिया।
आरोपी की पहचान 39 साल के अनिल के रूप में हुई है। वह पंजाबी बाग इलाके में ड्राइवर का काम करता है। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह घटना घरेलू विवाद के कारण हुई थी। मामले में अभी तक महिला की बेवफाई का कोई संकेत नहीं मिला है। क्राइम ब्रांच की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखा गया है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


