PCR में गूंजी नवजात की किलकारी, महिला ने दिल्ली पुलिस की वैन में बच्ची को जन्म दिया

Subodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। पीसीआर यूनिट के कर्मियों ने एक गर्भवती महिला की समय पर मदद कर उसकी सुरक्षित डिलीवरी कराई। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लेबर पेन से परेशान महिला को पुलिस अपनी पीसीआर वैन में लेकर अस्पताल जा रह थी। इस दौरान महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया।

PCR में गूंजी नवजात की किलकारी, महिला ने दिल्ली पुलिस की वैन में बच्ची को जन्म दिया

दिल्ली पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। पीसीआर यूनिट के कर्मियों ने इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। उन्होंने एक गर्भवती महिला की समय पर मदद कर उसकी सुरक्षित डिलीवरी कराई।

दरअसल, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लेबर पेन से परेशान महिला को पुलिस अपनी पीसीआर वैन में लेकर अस्पताल जा रह थी। इस दौरान महिला ने दिल्ली पुलिस की पीसीआर वैन में ही एक बच्ची को जन्म दिया। यह घटना गुरुवार की। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है।

सूचना मिलते ही पीसीआर कर्मी मौके पर पहुंचे एम्बुलेंस का इंतजार करने की बजाए महिला और उसके परिजनों को तुरंत पीसीआर वाहन में बैठाया और अस्पताल के लिए निकल पड़े। रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और हालात ऐसे बन गए कि डिलीवरी तुरंत करानी पड़ी। पीसीआर वैन में मौजूद महिला पुलिस कर्मी हिम्मत व सूझबूझ दिखाते हुए महिला की हर संभव मदद की और महिला ने पीसीआर वैन में ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

पीसीआर वैन में ही बच्ची के जन्म के बाद वाहन में खुशी का माहौल बन गया और नवजात की किलकारी गूंज उठी। डिलीवरी के तुरंत बाद पुलिस टीम ने मां और नवजात बच्ची को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों की हालत सामान्य बताई। दिल्ली पुलिस का यह मानवीय चेहरा देख कर हर तरफ पीसीआर कर्मियों की सराहना हो रही है।

युवती से लूटपाट में दो आरोपी हत्थे चढ़े

दिल्ली पुलिस ने संजय झील इलाके में महिला से लूटपाट के मामले में एक आरोपी और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से फोन-हैंडबैग बरामद किया। डीसीपी राजीव कुमार के अनुसार, 10 मई को निकिता अपनी सहेली के साथ झील क्षेत्र में बैठी थीं, तभी दो युवकों ने उन्हें धक्का देकर बैग छीन लिया। बैग में मोबाइल और 800 रुपये थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 12 मई को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रेम पहले भी आपराधिक केस में शामिल रह चुका है।

महंगे मोबाइल लूटने वाला गिरोह पकड़ा

सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस ने महंगे मोबाइल लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 51 आईफोन समेत कुल 66 महंगे मोबाइल बरामद किए हैं। मामले की शुरुआत 18 अप्रैल को आईपी पार्क गेट नंबर-4 के पास हुई आईफोन 17 प्रो लूट की वारदात से हुई। पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से मुख्य आरोपी समीर और सुहैल को गिरफ्तार कर लिया। सुहैल के पास से चोरी के दो फोन बरामद हुए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि लूटे गए फोन जाहिर को बेचते थे। इसके बाद चांदनी महल स्थित उसके घर पर छापा मारकर 64 मोबाइल बरामद किए, जिनमें 50 आईफोन शामिल हैं।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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