काम की बात: दिल्ली में बढ़ने वाला है ऑटो-टैक्सी का किराया? जेब पर पड़ सकता है 20-30 रुपये का बोझ
Delhi auto taxi fare hike: अगर ऐसा हुआ, तो ऑफिस-कॉलेज वालों से लेकर दिल्ली दर्शन को आए टूरिस्टों और रोजमर्रा में ऑटो-टैक्सी का इस्तेमाल करने वाली जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। दरअसल ऑटो-टैक्सी यूनियन के लोगों ने दिल्ली सरकार से मिलकर किराया बढ़ाने की मांग की है।

Delhi auto taxi fare hike: दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। अब बारी ऑटो-टैक्सी का किराया बढ़ने की है। अगर ऐसा हुआ, तो ऑफिस-कॉलेज वालों से लेकर दिल्ली दर्शन को आए टूरिस्टों और रोजमर्रा में ऑटो-टैक्सी का इस्तेमाल करने वाली जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। दरअसल ऑटो-टैक्सी यूनियन के लोगों ने दिल्ली सरकार से मिलकर किराया बढ़ाने की मांग की है।
ये मांग सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, अगर सरकार ने यूनियन की मांगें स्वीकार कर लीं। तो, मानकर चलिए आपकी जेब पर 20 रुपये से लेकर 30 रुपये तक का न्यूनतम किराया बोझ बढ़ सकता है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं, ऑटो-टैक्सी वालों की क्या मांगे हैं और आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ सकता है।
अचानक क्यों हुई किराया बढ़ाने की मांग
सबसे पहले समझिए, अचानक से ऐसा क्या हुआ कि ऑटो-टैक्सी वालों ने किराया बढ़ाने की मांग कर दी। दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा है। इनका कहना है कि दिल्ली में सीएनजी की कीमत में बढ़कर 89.9 रुपये प्रति किलो हो गई है। इससे पहले भी दाम बढ़ चुके हैं। महंगाई लगातार जारी है।
गाड़ी में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों से लेकर टायर, इंजन जैसे हिस्सों में होने वाला मेंटिनेंस खर्च भी बढ़ा है। ऑटो टैक्सी का फिटनेस शुल्क भी बढ़ गया है। इन बढ़ती लागत कीमतों के चलते ऑटो और टैक्सी चालकों की आमदनी लगातार गिर रही है। ऐसे में एक उपाय यही है कि किराया में बढ़ोतरी की जाए। इसे ध्यान में रखते हुए ही ये मांगे की गई हैं।
ऑटो का किराया कितना बढ़ाने की मांग
अभी ऑटो का न्यूनतम किराया, पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 30 रुपये है। इसे बढ़ाकर 50 रुपये करने की मांग की गई है। अभी प्रति किलोमीटर किराया 11 रुपये है। इसे बढ़ाकर 15 रुपये करने की मांग की गई है। अभी तक चार्ज के तौर पर कोई पैसा नहीं लगता था, लेकिन अब 1 रुपये प्रति मिनट की दर से वेटिंग चार्ज लगाने की मांग की गई है। लगेज शुल्क और नाइट चार्ज की भी बात की गई है।
टैक्सी का किराया कितना बढ़ाने की मांग
टैक्सी की कीमतों में भी बढ़ोतरी की मांग की है। टैक्सी का न्यूनतम किराया 40 रुपये से बढ़ाकर 70 रुपये करने की मांग की गई है। नॉन एसी टैक्सी का किराया 17 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 30 रुपये करने की मांग की गई है। एसी टैक्सी का किराया 25 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये करने की मांग की गई है। इस तरह अगर इन कीमतों को स्वीकार कर लिया जाता है, तो आम आदमी की जेब में खर्च का बोझ खासा बढ़ने वाला है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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