पत्नी ने मारे थे थप्पड़, बदला लेने के लिए पति ने उसे जान से मार डाला; फिर लाश भी जला दिया
आपसी झगड़े के दौरान पति को थप्पड़ मारने की कीमत एक महिला को जान देकर चुकानी पड़ी। पति ने थप्पड़ का बदला लेने के लिए भाई के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी और लाश को जला दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पति ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

गाजियाबाद के मुरादनगर इलाके में पुलिस ने एक महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने महिला की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के मामले में पति सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पति ने अपने भाई के साथ मिलकर पहले महिला को फंदे से लटकाया और फिर तकिया से मुंह पर दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी शव को मुजफ्फरनगर ले जाकर बिटौड़े में रख आग लगा दी।
तीन टीमें जुटी थीं तलाश में
सूर्यनगर कॉलोनी निवासी महिला सोनिया के लापता होने के मामले में भाई संदीप ने मुरादनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कर आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीमों को लगाया गया। एसीपी मसूरी सर्किल भास्कर वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों ने अपना नाम प्रविंद्र कुमार और विनोद दोनों निवासी सूर्यनगर कॉलोनी मुरादनगर और ब्रह्मपाल सिंह निवासी चरथावल जिला मुजफ्फरनगर बताया।
12 साल पहले शादी हुई थी
पुलिस पूछताछ में आरोपी पति प्रविंद्र कुमार ने बताया कि 12 साल पहले सोनिया से शादी हुई थी। उसने बताया कि सोनिया छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करता था। काफी समय पहले जिला मुजफ्फरनगर में दहेत उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराया था। उस मामले में दोनों पक्षों का समझौता हो गया और सोनिया फिर से वापस आ गया। उसने बताया कि सोनिया की आदत में कोई सुधार नहीं हुआ।
उसी दिन तय कर लिया था कि अब वह जिंदा नहीं रहेगी
इस वजह से मुजरफ्फरनगर से दस माह पहले मुरादनगर की सूर्यनगर कॉलोनी में मकान बनाना पड़ा और यही पर रहने लगे। उस दिन सोनिया ने मेरी मां के साथ मारपीट की थी। जब मां से मारपीट करने की बात पूछी तो मुझे भी दो चांटे मार दिए। उसी दिन तय कर लिया था कि अब वह जिंदा नहीं रहेगी। वहीं, एसीपी ने बताया कि तालाब से अवशेष एकत्र कर लिए और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
तकिया से मुंह दबाकर मारा फिर बिटौड़े में जला दिया
पति ने पुलिस को बताया कि 29 जनवरी की रात अपने भाई विनोद के साथ मिलकर सोनिया के गले में फंदा डालकर एक घंटे से लटकाए रखा। जब नीचे उतारा तो उसकी सास चल रही थी। इसके बाद मुंह पर तकिया रखकर बीस मिनट तक दबाया, जिस कारण उसकी मौत हो गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए मामा ब्रह्मपाल से बात की। इसके बाद शव को लेकर मामा के गांव जिला मुजफ्फरनगर के गांव सिंग्नलपुर ले गए। वहां पर गांव के बाहर बिटौड़े में शव रखकर आग लगा दी। आग लगाने के तीन दिन बाद वहां से अवशेष एकत्र करके तालाब में फेंक दिए।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
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