ग्रेटर नोएडा : पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर कराई थी पति की हत्या, अवैध संबंध की खातिर खुद उजाड़ा सुहाग
ग्रेटर नोएडा की दादरी कोतवाली क्षेत्र के घोड़ी बछेड़ा गांव की एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करवा दी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

ग्रेटर नोएडा की दादरी कोतवाली क्षेत्र के घोड़ी बछेड़ा गांव की एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करवा दी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी है।
पुलिस की जांच में हुआ पत्नी के अवैध संबंध का खुलासा
ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि घोड़ी बछेड़ा गांव का रहने वाला गोविंद रावल गांव में ही पत्नी प्रीति और पांच बच्चों के साथ रहता था। गोविंद का शव पुलिस को 16 फरवरी को कठहैरा गांव की रोड़ के पास पड़ा मिला था। जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू की। जांच में पुलिस को जानकारी हुई कि गोविंद की पत्नी प्रीति के गांव के रोहित से अवैध संबंध थे। मृतक गोविंद शराब पीकर आए दिन पत्नी से मारपीट करता था, जिसके बाद पत्नी ने प्रेमी रोहित के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बना ली।
गत 12 फरवरी को रोहित गांव के रहने वाले दोस्त धर्मेंद्र के साथ मिलकर गोविंद को शराब पिलाने के बहाने साथ ले गया। तीनों बाइक से कठहैरा गांव के पास आ गए। यहां पर रोहित ने दोस्त नफीस निवासी नई आबादी को भी योजना के तहत बुला लिया। गोविंद को अधिक शराब पिलाई गई। इसके बाद नफीस ने धारदार हथियार से उसका गला काट दिया और शव को कठहैरा गांव के पास एक कॉलोनी में फेंक दिया। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नफीस और रोहित पर पूर्व में भी कई अपराधिक मामले दर्ज हैं।
दरोगा हत्याकांड का आरोपी का भाई घटना में शामिल
दादरी कोतवाली क्षेत्र में एक दरोगा अख्तर खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दरोगा हत्याकांड में दादरी नई आबादी के रहने वाले एक आरोपी बौना का नाम सामने आया था। बताया जा रहा है कि गोविंद हत्याकांड का आरोपी नफीस आरोपी बौना का भाई है। पुलिस का दावा है कि नफीस ने धारदार हथियार से गोविंद का गला रेता था।
चार दिन तक शव के साथ खिलवाड़ करते रहे आरोपी
गत 12 फरवरी को गोविंद की हत्या कर शव को कटहैरा गांव के पास खुले में फेंक दिया था। इसके बाद बदमाश लगातार शव की देखभाल करते रहे। इस बात की भी पुष्टि कर रहे थे कि अभी पुलिस को हत्या के बारे में पता नहीं चला है। फिर करीब चार दिन बाद 15 फरवरी को रोहित, धर्मेंद्र और नफीस एक जुट हुए। इसके बाद तीनों ने मिलकर शव को उठाकर कुछ दूरी पर अन्य जगह फेंक दिया, जिससे पुलिस को शक न हो । तीनों बदमाश चार दिन तक शव को इधर उधर करते रहे। समय गुजर जाने के बाद शव पूरी तरह फूल गया था और शव से बदबू भी आने लगी थी। मगर पूरे प्रकरण में पुलिस बेखबर रही।


