
NIA ने 'मैडम सर्जन' डॉ शाहीन को लाल किला ब्लास्ट का रहस्यमयी खिलाड़ी क्यों बताया?
संक्षेप: जांच एजेंसी NIA उसे इस आतंकी हमले की मुख्य खिलाड़ी मान रही है। उसने ही सीमापार से आतंकी गतिविधियों को अंजाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह वह शख्स है, जिसने मेडिकल से जुड़े लोगों को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तैयार किया।
दिल्ली में लाल किला के पास 10 नवंबर को हुए बम धमाका की सबसे रहस्यमयी खिलाड़ी आतंकी मॉड्यूल की डॉ शाहीन शाहिद बनी हुई है। जैश ए मोहम्मद मॉड्यूल से जुड़े आतंकी और लोग इसे 'मैडम सर्जन' कहते थे। जांच एजेंसी NIA उसे इस आतंकी हमले की मुख्य खिलाड़ी मान रही है। उसने ही सीमापार से आतंकी गतिविधियों को अंजाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह वह शख्स है, जिसने मेडिकल से जुड़े लोगों को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तैयार किया।

बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेना था प्लान
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शाहीन को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। उसे जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का मुख्य खिलाड़ी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि लाल किला बम धमाका, 1992 में बाबरी मस्जिद में हुए विध्वंस का बदला है। जांच एजेंसियों ने कुछ डिजिटल सबूतों को जब्त किया गया है। इनमें हाथ से लिखी डायरी और बम धमाके से जुड़ी प्लानिंग के कुछ कागजात भी हैं।
बम धमाके को बताया गया 'D-6 Mission'
शाहीन के पास से बरामद किए गए सबूतों में इस हमले को 'D-6 Mission' बताया गया है। इनमें टारगेट की लिस्ट, लोगों को भर्ती करने के बारे में जानकारी, फंड ट्रांसफर और सुरक्षित तरीके से संपर्क करने जैसी जानकारी मिली हैं। जांच कर रही टीम ने खुलासा किया है कि शाहीन साल 2021 में ही जैश-ए-मोहम्मद के संगठन में शामिल हो गई थी। इसके साथ दो और लोग शामिल हुए थे- पहला, कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनी और दूसरा, उमर उन नबी।
हवाला से आया 20 लाख रुपया
जांच में सामने आया है कि हवाला के माध्यम से जैश के हैंडलर द्वारा 20 लाख रुपया पहुंचाया गया है। इस रुपयों के जरिए हमला के लिए लोगों को भर्ती किया गया, रहने-छिपने को सुरक्षित ठिकाना लिया गया, फोन खरीदे गए और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा मुहैया कराया गया। हालांकि इस बीच जांच एजेंसी शाहीन के बैंक खातों की जांच में भी लगी हुई है।





