हरियाणा में वेतन बढ़ने के ऐलान के बाद भी फरीदाबाद में क्यों हुआ बवाल? क्या है असली वजह

Aditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
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उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार से शुरू हुआ मजदूरों का हिंसक विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। मजदूरों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर जमकर उत्पात मचाया, जिसमें पुलिस की गाड़ियों सहित कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार से शुरू हुआ मजदूरों का हिंसक विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। मजदूरों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर जमकर उत्पात मचाया, जिसमें पुलिस की गाड़ियों सहित कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। शहर के कई हिस्सों में पथराव और तोड़फोड़ की खबरें भी आईं। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अब तक सात एफआईआर दर्ज की हैं और हिंसा के आरोप में 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

हरियाणा में हाल ही में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 35 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की गई। इसी घोषणा के चलते नोएडा में मजदूरों ने बवाल कर दिया। उनका तर्क है कि जब हरियाणा में उसी काम के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाया जा सकता है तो यहां क्यों नहीं। नोएडा के अलावा सोमवार को फरीदाबाद और पलवल में भी मजदूरों ने प्रदर्शन किया। ऐसे में अब सवाल उठता है कि जब हरियाणा में पहले ही वेतन बढ़ाने की घोषणा कर दी गई है तो फरीदाबाद में प्रदर्शन क्यों हुआ।

क्या है मजदूरों का आरोप?

दरअसल मजदूरों का आरोप है कि सरकार की घोषणा के बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन ने वेतन वृद्धि को लेकर कोई नोटिस या सर्कुलर जारी नहीं किया, जिससे अविश्वास की स्थिति पैदा हुई। फरीदाबाद के एक मजदूर ने बताया कि वह छह साल से9,400 रुपए पर काम कर रहा था और कंपनी ने 15,220 का नोटिस तभी चस्पा किया जब विरोध शुरू हुआ। अधिकारियों के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से प्रबंधन और मजदूरों के बीच बातचीत की कमी और अफवाहों के कारण हुआ।

नोएडा में चल रहे इस गतिरोध के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने भी वेतन दरों में संशोधन की घोषणा कर दी है। इस घोषण के मुताबिक, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 से बढ़ाकर 13,690 कर दिया गया है। इसी तरह अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 15,059 और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 का वेतन तय किया गया है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद मंगलवार को भी नोएडा के कई इलाकों में विरोध की चिंगारी ठंडी नहीं हुई और पुलिस बल को स्थिति काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

नोएडा में दूसरे दिन भी बवाल

उधर न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी की घोषणा के बाद भी नोएडा में मजदूरों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। कुछ इलाकों में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जबकि कई औद्योगिक क्षेत्रों में कारखानों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। तनावपूर्ण माहौल के बीच ज्यादातर जगहों में कामकाज ठप रहा और करीब 80 फीसदी उद्योगपतियों ने एहतियातन अपनी इकाइयां बंद रखीं।

शहर की क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान पुलिस पर भी हमला किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सेक्टर-80 में भी प्रदर्शनकारियों का रुख उग्र रहा, हालांकि पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-70 में उपद्रव के आरोप में 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने कहा, छिटपुट घटनाओं को छोड़कर स्थिति नियंत्रण में है। सरकार द्वारा वेतन वृद्धि और अन्य मांगों पर निर्णय लिए जाने के बाद श्रमिक शांतिपूर्वक काम पर लौट गए हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा, सुबह 5:00 बजे से लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। आज सुबह श्रमिक तीन स्थानों पर इकट्ठा हुए; तत्काल संवाद के बाद उन्हें मात्र 15 मिनट के भीतर शांतिपूर्वक तरीके से हटा दिया गया।

भाषा से इनपुट

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अदिति शर्मा

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