रॉबर्ट वाड्रा वाले मामले में कोर्ट ने क्यों लगाई ED को फटकार, जिरह के लिए समय भी दिया
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े धनशोधन मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर पूरक आरोप पत्र पर जिरह करने के लिए समय दिया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े धनशोधन मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर पूरक आरोप पत्र पर जिरह करने के लिए समय दिया है। विशेष न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा की अदालत ने मामले की सुनवाई 26 फरवरी को तय की। कोर्ट ने ईडी को अप्रमाणित दस्तावेजों की लिस्ट दाखिल न करने पर फटकार भी लगाई। अदालत ने निर्देश दिया कि ईडी अगली तारीख से पहले आवश्यक दस्तावेज और अपनी दलीलें रिकॉर्ड पर रखे।
गौरतलब है कि ईडी ने दिसंबर 2025 में इस मामले में दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिसमें वाड्रा को औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया। इससे पहले, साल 2019 में अदालत ने वाड्रा को इस मामले में अग्रिम जमानत दी थी। ईडी के मुताबिक, वाड्रा की भूमिका संजय भंडारी से जुड़े कथित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत सामने आई है।
एजेंसी का दावा है कि वह यह जांच कर रही है कि कथित तौर पर भूमि सौदों से जुड़े मामलों में उत्पन्न धन को भंडारी से संबंधित विदेशी कंपनियों के जरिए इधर-उधर किया गया या नहीं। ईडी फिलहाल वाड्रा के खिलाफ तीन अलग-अलग धनशोधन मामलों की जांच कर रही है, जिनमें से दो कथित भूमि सौदों से जुड़े हैं। उल्लेखनीय है कि संजय भंडारी वर्ष 2016 में आयकर विभाग की छापेमारी के बाद लंदन फरार हो गया था। हाल ही में ट्रायल कोर्ट ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। हालांकि, भंडारी ने इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अगस्त में हाईकोर्ट ने उसकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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