
एक दिन बाद बालिग होने वाला था...बाप-बेटे ने 26 सितंबर को ही क्यों की दिल्ली में कांग्रेस नेता की हत्या
नौ साल पहले हुए एक झगड़े का बदला लेने के लिए एक शख्स ने अपने नाबालिग बेटे के साथ मालवीय नगर स्थित पार्क में कांग्रेस नेता और प्रॉपर्टी डीलर लखपत कटारिया की हत्या को अंजाम दिया था। हत्या को के लिए आरोपी ने 26 सितंबर का दिन चुना।
नौ साल पहले हुए एक झगड़े का बदला लेने के लिए एक शख्स ने अपने नाबालिग बेटे के साथ मालवीय नगर स्थित पार्क में कांग्रेस नेता और प्रॉपर्टी डीलर लखपत कटारिया की हत्या को अंजाम दिया था। हत्या को के लिए आरोपी ने 26 सितंबर का दिन चुना। इसके पीछे की वजह भी काफी हैरान करने वाली है। दरअसल हत्या दिन चुनने के पीछे भी आऱोपी की कानून बचने के लिए उसकी सोची समझी साजिश थी। खुशी राम ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने कांग्रेस नेता लखपत कटारिया की हत्या के लिए 26 सितम्बर का दिन इसलिए चुना, क्योंकि उसका बेटा ठीक 27 सितंबर को बालिग होने वाला था। ऐसे में उसे कठोर सजा से बचाने के लिए पिता ने उसके बालिग होने से ठीक एक दिन पहले हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, औचंदी गांव के निवासी और मुख्य आरोपी 47 साल के खुशी राम ने अपने बेटे के 18वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले अपराध को अंजाम दिया। वारदात में उसका बेटा भी शामिल था और जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले यह हत्या की गई, ताकि वह जुवेनाइल कानून के प्रावधानों का लाभ उठा सके। आरोपी ने बताया कि उसने पहले ही रैकी कर लखपत के पार्क में अपने व जाने का समय पता कर लिया था। जिसके बाद वह अपने बेटे के साथ पहले ही पार्क के पास पहुंच गया और लखपत का इंतजार करने लगा। उसके आते ही दोनों पिता-पुत्र ने उस पर हमला कर दिया और हत्या कर वहां से फरार हो गए।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अंकित चौहान ने कहा, जांच से पता चला है कि व्यक्ति (जिसकी हत्या की गई) ने 2016 में संपत्ति संबंधी विवाद के दौरान खुशी राम के साथ मारपीट की थी, जिसके चलते वह लगभग नौ महीने तक चल-फिर नहीं सका और उसने बदला लेने की साजिश रची थी। उन्होंने बताया कि लखपत सिंह उर्फ लखपत कटारिया (56) नामक व्यक्ति पर बेगमपुर के विजय मंडल पार्क में शुक्रवार को सुबह की सैर के दौरान दो लोगों ने क्रिकेट के बल्ले से हमला कर दिया। चौहान ने बताया कि लखपत को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि ‘मेडिकल-लीगल रिपोर्ट’ (एमएलसी) में कई गहरे घाव का जिक्र है।
उन्होंने बताया कि अपराध में इस्तेमाल काले रंग की मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है। हालांकि इसकी नंबर प्लेट हटा दी गई थी। उन्होंने बताया कि कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) की विस्तृत जांच और संदिग्धों की गतिविधियों के विश्लेषण से खुशी राम की संलिप्तता का पता चला। वह पहले भी हमला, अतिक्रमण और आपराधिक धमकी सहित कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
भाषा से इनपुट





