‘ढाई साल से राम मंदिर क्यों नहीं गए अमित शाह?’ अरविंद केजरीवाल ने दागे सवाल; AAP को बताया सच्ची सनातनी पार्टी
राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी को लेकर अरविंद केजरीवाल ने आज फिर बीजेपी पर हमला बोला। इस बार उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी पांच बड़े सवाल पूछे हैं।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदि के चढ़ावे की चोरी को लेकर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर करारा हमला बोला है। इस बार उन्होंने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के राम मंदिर ना जाने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि अमित शाह पिछले ढाई साल में एक बार भी अयोध्या में राम मंदिर नहीं गए। उन्होंने अमित शाह पर भगवान राम के नाम पर वोट लेने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह पिछले ढाई साल में एक बार भी दर्शन के लिए नहीं गए लेकिन जगह-जगह जाकर भगवान राम जिक्र कर वोट जरूरत मांगे। इसी के साथ उन्होंने आम आदमी पार्टी को सच्चा सनातनी बताते हुए अमित शाह से पाच सवाल भी किए।
अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राम मंदिर में ढाई साल से दर्शन करने नहीं गए। इन 891 दिनों में 42 से ज्यादा बार भाषणों और इंटरव्यू में राम मंदिर का जिक्र किया है और कई वोट मांगे हैं। उनके पास वोट मांगने का टाइम हैं लेकिन आशीर्वाद लेने का टाइम नहीं है। उन्होंने कहा, मैं अमित शाह से पांच सवाल पूछना चाहता हूं।
अमित शाह से पूछे पांच सवाल?
- आप राम मंदिर क्यों नहीं गए?
2. क्या आपका भगवान राम के दर्शन करने का मन नहीं करता?
3. क्या आपका राम मंदिर जाने का मन नहीं करता?
4. क्या आपको भगवान राम के आशीर्वाद की जरूरत है?
5. क्या राम चंद्र जी को भगवान मानते हैं?
आम आदमी पार्टी को बताया देश की सच्ची सनातनी पार्टी
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ये लोग राम चंद्र जी को भगवान मानते ही नहीं। अगर मानते तो चढ़ावे की चोरी नहीं करते। आज तक इतने दशकों से केवल सत्ता के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया। भगवान ने 21 राज्यों में केंद्र में इनकी सरकार बनवा दी। उनका धन्यवाद करने की चले जाते। लेकिन वह नहीं गए। उन्हें भगवान के आशीर्वाद की जरूरत नहीं। चोरी की खबर से हर सनातनी दुखी है। लोगों को जब पता चलेगा कि अमित शाह वोट तो मांगते लेकिन दर्शन के लिए कभी नहीं गए। इन्होंने सनातनी को केवल फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। केवल आम आदमी पार्टी ही देश में सच्ची सनातनी पार्टी पता।
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ही वास्तविक अर्थों में सनातन के मूल्यों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में स्कूलों और मोहल्ला क्लीनिकों का निर्माण सनातन की सेवा और जनकल्याण की भावना के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी देश की सच्ची सनातनी पार्टी है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं पहुंचाने का काम कर रही है।
चोरी के असली दोषियों को बचाने का आरोप
केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि जो स्वयं को बड़ा सनातनी बताते हैं, वे पिछले ढाई सालों में एक बार भी राम मंदिर में दर्शन करने नहीं गये। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी में असली दोषियों को बचाया जा रहा है।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
विस्तृत बायो
डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।
अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।
उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।
तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।
और पढ़ें

