अनशन तोड़ने में जल्दबाजी, खुद जंतर-मंतर से आगे नहीं बढ़े; अभिजीत दीपके के आलोचक क्या कह रहे

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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चाहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात हो या संसद भवन तक मार्च को, अभिजीत दीपके हर बार अहम पलों में गायब रहे। इसके अलावा अनशन तोड़ने में भी जल्दबाजी करना कई सवाल खड़े कर रहा है। 

अनशन तोड़ने में जल्दबाजी, खुद जंतर-मंतर से आगे नहीं बढ़े; अभिजीत दीपके के आलोचक क्या कह रहे
New Delhi, India - July 19, 2026: Cockroach Janata Party (CJP) founder Abhijeet Dipke during in a protest at Jantar Mantar, demanding the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan over alleged irregularities in the NEET examination, in New Delhi, India, on Sunday, July 19, 2026. (Photo by Sanjeev Verma/ Hindustan Times)

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का शोर आज पूरे देश में गूंज रहा है। राजनेताओं से लेकर अभिनेताओं तक, लोग खुलकर इसके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। देशभर से छात्रों की भीड़ जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो रही है। पुलिस की लाठियां और आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद भी वे वहां से जाने को तैयार नहीं है। उधर सोनम वांगचुक की भूखहडडताल पर डटे हुए हैं। जबरदस्ती अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी उन्होंने भूखहड़ताल खत्म नहीं की है। इस बीच लोगों के जहन में एक नाम जो खटक रहा है, वह है इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके। हर जरूरी घटनाक्रम के दौरान, उनका अचानक गायब हो जाना, प्रोटेस्ट मार्च का नेतृत्व ना करना और अनशन तोड़ने में भी इतनी जल्दबाजी करना, अब कई लोगों के मन में सवाल खड़े कर रहा है।

20 जुलाई को संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी ने मार्च किया। देशभर से कई लोगों ने इसमें हिस्सा लिया जिसमें हजारों छात्र भी शामिल थे। इस मार्च का ऐलान करने वाले अभिजीत दीपके ही थे। लेकिन वह खुद कहीं दूर-दूर तक मार्च में नजर नहीं आए। मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी पुलिस की लाठियां खाते-खाते और आंसू गैसे के गोले झेलते हुए संसद भवन के करीब तक पहुंच गए। विपक्ष के कई नेता भी इसमें शामिल हुए लेकिन अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर ही डटे रहे। इतना ही नहीं इसी दौरान उन्होंने अपना अनशन भी तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक ने उनसे रिक्वेस्ट की थी कि वह अपना अनशन तोड़ दें क्योंकि प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए उनका स्वस्थ्य रहना जरूरी था। शनिवार को शुरू किए गए भूखहड़ताल को अभिजीत ने महज 50 घंटों में ही तोड़ दिया जबकि सोनव वांगचुक पिछले 24 दिनों से अनशन पर डटे हुए हैं।

हिरासत में लिए जाने की अफवाह से फैलाई सनसनी

मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आ रही थी। इस बीच हर किसी को अभिजीत दीपके का गायब हो जाना खल रहा था। इसी दौरान सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने एक्स पर पोस्ट कर दिया कि अभिजीत को भी पुलिस ने उठा लिया है। इस खबर से सनसनी फैलाने के करीब एक घंटे बाद उन्होंने साफ किया कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है औऱ वह केरल हाउस में है। सोमवार शाम को वह मंच पर लोगों को संबोधित करते नजर आए।

हर अहम पल में गायब रहे दीपके

सोनम वांगचुक ने जब से अनशन शुरू किया था, तब से अभिजीत दीपके उनके साथ ही थे। हर रोज सुबह वह उनके साथ ही बैठते थे। शनिवार सुबह भी वह उनके साथ ही थे लेकिन जब उन्हें जबरदस्ती सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया तब अचानक ही वह गायब हो गए। बताया गया कि वह पास में ही फ्रेश होने गए थे। हालांकि कुछ देर बाद वह फिर दिखाई दिए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। हैरान करने वाली बात ये है कि जब कॉकरोच जनता पार्टी को सरकार के सामने अपनी बात रखने का मौका मिला, तब भी दीपके नहीं बल्कि सीजेपी के दो मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका गए।

उन्होंने दावा किया कि दो घंटे के इंतजार के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से उनकी केवल 10 मिनट की मुलाकात हुई। लेकिन अभिजीत दीपके ना तो इस 10 मिनट की मुलाकात में पहुंचे और ना ही तब गए जब जेपी नड्डा को लिखित मांगों वाली याचिका सौंपी जानी थी।

इन सब के बीच गौर करने वाली बात ये भी है कि अभिजीत दीपके लंबे गायब तो हुए लेकिन कुछ समय बाद फिर लोगों के सामने पेश हो गए गए। लेकिन जिन पलों में वह गायब रहे वह काफी अहम थे। यही वजह है कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बावजूद वह इसका मुख्य चेहरा वह नहीं बल्कि सोनम वांगचुक रहे।

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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