स्वतंत्र भारद्वाज कौन है, जिसने निशु आजाद के पिता पर किया था हमला; कबूलनामे पर मच गया बवाल
who is Swatantra Chardwaj: निशु आजाद के पिता पर हमले की बात कबूल करने वाला स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा का रहने वाला है। वह कहता है कि उसे मुलमानों से बहुत ज्यादा नफरत है। उसने कहा कि राजनीतिक कनेक्शन की वजह से दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हिंसा के बाद भी उस पर कार्रवाई नहीं की।

who is Swatantra Chardwaj: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच सुलह को कुछ ही घंटे हुए थे कि एक बार फिर 'जंतर-मंतर के आंदोलनकारी' दिल्ली पुलिस पर भड़क गए हैं। स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक शख्स की ओर से किए गए दावों के बाद सीजेपी के नेताओं ने उसे अपना टारगेट नंबर वन बना लिया है। स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और ऐक्शन की मांग को लेकर सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया है। सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। आखिर यह स्वतंत्र भारद्वाज है कौन और क्यों अचानक इतनी सुर्खियों में आ गया है?
स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा का रहने वाला है और पिछले कुछ सालों से दिल्ली में रह रहा है। भारद्वाज ने बताया कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट रहा है और राजधानी आन से पहले कुछ दिन पटना में रहकर पढ़ाई कर चुका है। हिंदुत्ववादी मुद्दों पर काम करने के अलावा वह खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर भी बताता है। भारद्वाज ने कहा कि वह गोरक्षक भी। इन दिनों वह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को भी जोरशोर से उठा रहा है।
भारद्वाज ने अपने परिचय में कहा, ‘मैं दरभंगा का मैथिल ब्राह्मण हूं। मैं पटना विश्वविद्यालय में पढ़ता था तो वहां एक शख्स ने भगवा झंडा जलाया था। तब मैंने पहली बार आंदोलन किया था। मन बढ़ने लगा, मुझे आंदोलन में मजा आने लगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिले के बाद मैं दिल्ली आ गया। लेकिन तभी श्रद्धा के 36 टुकड़े कर दिए गए थे। तो फिर मेरा प्लैटफॉर्म बदलने लगा। मैंने कुछ ऐसा बोल दिया था जो 8 मिलियन चल गया। तब लोग मुझे और हर टॉपिक पर बोलने को कहने लगे। मैंने जेएनयू का भी घेराव किया था। तब डिटेन किया गया था। तब से ही गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों के सामने मेरी मुस्लिम विरोधी छवि बनने लगी। लोगों को ऐसी बातें पसंद आती हैं। लोगों को प्यार वाली बातें अच्छी नहीं लगती। मुस्लिम कोई गलती करे या ना करे, कोई मुस्लिम मेरे बगल से गुजरता है तो उलटी होने लगती है। मुझे एक दो से नहीं सभी मुस्लिम से नफरत है, मुझे भी नहीं पता क्यों है, लेकिन नफरत है।’
क्यों सीजेपी के टारगेट पर आया
सीजेपी ने अब स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और दिल्ली पुलिस से उसकी गिरफ्तारी करने और हत्या के प्रयास की धारा लगाने की मांग की है। दरअसल, भारद्वाज ने एक यूट्यूब इंटरव्यू में कबूल किया है कि उसने इंफ्लुएंशर निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ा था और भाजपा में बड़े नेताओं को अपने भाई समान बताते हुए कहता है कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। सीजेपी का कहना है को जो खुद अपना गुनाह कबूल कर रहा है, दिल्ली पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं कर रही हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा है कि संजय के खोपड़ी में दरार की बात गलत है, आरोपी ने कड़े से उनके सिर पर चोट पहुंची थी,जोकि मेडिकल जांच में सामान्य पाया गया।
मुल्ला मुक्त भारत बनाना चाहता है स्वतंत्र, मुसलमानों से बहुत नफरत
भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह मोदी सरकार का समर्थक रहा है, लेकिन आरक्षण और यूजीसी के मुद्दे पर वह सरकार की नीतियों के खिलाफ है। भारद्वाज ने जिस इंटरव्यू में नीशू आजाद के पिता संजय का सिर फोड़ने की बात कबूल की है, उसी में उसने मुसलमानों को लेकर कई नफरती बयान दिए हैं। वह खुद को मुसलमानों से हद दर्जे की नफरत करने वाला बताता है। वह कहता है कि उसे मुसलमानों को देखकर उल्टी आ जाती है। एक सवाल के जवाब में उसने कहा, 'मैं मुल्ला मुक्त भारत बनाना चाहता हूं और कभी मौका मिला तो मुल्ला मुक्त भारत पार्टी बनाना चाहूंगा।'


