कॉकरोच जनता पार्टी को कौन दे रहा पैसा? अभिजीत दीपके ने खोला फंडिंग का राज
Who is funding the Cockroach Janata Party: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहले प्रोटेस्ट के बाद कॉकरोच जनता पार्टी देशव्यापी आंदोलन की योजना बना रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है- आखिर इसकी फंडिंग कौन कर रहा है? सीजेपी फाउंडर दीपके ने खुद इसका राज बताया।

Who is funding the Cockroach Janata Party: कॉकरोच जनता पार्टी का मूवमेंट सोशल मीडिया से निकलकर जमीन पर आ चुका है। इसका पहला प्रोटेस्ट 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ। सीजेपी के फाउंडर इसे देशव्यापी बनाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है- आखिर कॉकरोच जनता पार्टी के मूवमेंट को फंडिंग कौन दै रहा है? इस सवाल का जवाब भी अभिजीत दीपके ने दिया है। जानिए उन्होंने रुपयों के सोर्स को लेकर क्या कुछ कहा।
CJP को कौन कर रहा फंडिंग?
कॉकरोच जनता पार्टी को कौन फंडिंग दे रहा है? बीबीसी में इंटरव्यू के दौरान सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके से जब ऐसा पूछा गया, तो उन्होंने बताया- मैं ट्रैवल अपने खुदके पैसों से कर रहा हूं। पूणे में जो स्टूडेंट मूवमेंट कर रहे हैं, वो खुदसे कर रहे हैं। उन लोगों ने मुझसे कहा कि सर, आप आ जाइए। तो मैंने भी कहा कि ठीक है, मैं आ जाता हूं। फिर लखनऊ से मुझे फोन आया कि सर आप आ जाइए। तो मैं वहां भी जा रहा हूं।
दीपके ने सुनाया LED वाला किस्सा
अभिजीत दीपके ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- ये लोगों का मूवमेंट है। अभी थोड़ी देर पहले मैंने एक मीडिया हाउस को बताया- कल मुझे मेसेज आया कि भैया मैं एलईडी वैन लगाने को तैयार हूं। इस पर मैंने कहा- मैं पैसे कहां से दूंगा, मेरे पास पैसे तो है नहीं। इस पर उसने कहा- पैसे कौन मांग रहा है। मैं खुद ला रहा हूं। मुझे अच्छा लग रहा है कि आपने कुछ शुरू किया है, तो मेरा भी सपोर्ट है। इसलिए मैं चाहता हूं कि अपनी तरफ से भी कोई योगदान दूं। तो ये लोग खुदसे इस मूवमेंट को चला रहे हैं।
पूरे देश में आंदोलन शुरू करने जा रहे
इसी इंटरव्यू में बातचीत के दौरान अभिजीत ने बताया- अब हम पूरे देश में आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। इसकी शुरूआत पूणे से होने जा रही है। पूणे में बहुत से स्टूडेंट आने वाले हैं। मुझे लगता है कि ये आंदोलन दिल्ली से भी बड़ा होगा। इसके बाद हम पंजाब जाएंगे। राजस्थान, बेंगलुरू और भी कई जगह जाएंगे। इसे हम लोग पूरे देश में फैलाएंगे। इसके बाद 20 तारीख को दिल्ली आएंगे। जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
ऐसे मूवमेंट बनी कॉकरोच जनता पार्टी
आपको बताते चलें कि सीजेआई की टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी नामक इंस्टाग्राम अकाउंट देखते ही देखते करोड़ों लोगों द्वारा फॉलो किया गया था। जिसे बाद में सड़क पर उतारा गया। सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से वापस आए थे। इसी दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट हुआ था। इसकी मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना था। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। इसीलिए दीपके द्वारा देशव्यापी आंदोलन चलाए जाने की बात बार-बार कही जा रही है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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