
क्या है 'कोरियन लव गेम', जिसे माना जा रहा गाजियाबाद की तीन बहनों की मौत का जिम्मेदार
शुरुआती जानकारी के आधार पर कोरियन गेम की लत को ही तीनों बच्चियों की मौत की वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौके से मिले सुसाइड नोट में किसी खास ऐप का कोई जिक्र नहीं है।
गाजियाबाद में मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी से कूदने वाली तीनों बहनों को एक ऑनलाइन कोरियन गेम की लत थी। पुलिस का कहना है कि 16, 14 और 12 साल की ये तीनों लड़कियां 'कोरियन लव' नाम के एक गेम से इतनी प्रभावित थीं कि वो खुद को भारतीय नहीं बल्कि कोरियन मानने लगी थीं। यहां तक कि वे खुद को कोरियन राजकुमारी बताती रहती थीं। शुरुआती जानकारी के आधार पर इस जानलेवा गेम की लत को ही तीनों बच्चियों की मौत की वजह माना जा रहा है।
सहायक पुलिस आयुक्त (शालीमार गार्डन) अतुल कुमार सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ये बहनें एक ऑनलाइन कोरियन गेम की आदी थीं जो 'टास्क बेस्ड' है और बच्चियों के माता-पिता उनके बहुत ज़्यादा गेम खेलने पर आपत्ति जताते थे। कोरियन 'टास्क-बेस्ड' गेम वह होते है जिसमें खिलाड़ी को लक्ष्य दिए जाते हैं और उसी से गेम आगे बढ़ता है। उधर पुलिस उपायुक्त निमिष पाटिल ने बताया कि जांच में पता चला कि लड़कियां ऑनलाइन कोरियन कंटेंट से बहुत ज्यादा प्रभावित थीं और अपने मोबाइल फोन पर काफी समय बिताती थीं। उन्होंने कहा, 'परिवारवालों ने पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिससे वे परेशान थीं और संभवत: इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।'
क्या है 'कोरियन लव गेम'?
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार यह 'गेम' सोशल मीडिया या कुछ मोबाइल ऐप्स के ज़रिए एक अनजान व्यक्ति द्वारा बच्चे से बातचीत शुरू करने से शुरू होता है। यह व्यक्ति 'गेम मास्टर' होता है और खुद को कोरियन या किसी अन्य विदेशी नागरिक की तरह बताता है। इसके बाद वह दोस्ती और प्यारभरी की बातें करता है। फिर जब थोड़ा भरोसा बन जाता है, तो बच्चों को अलग-अलग तरह के टास्क दिए जाते हैं, जिसकी शुरुआत आधी रात को उठने जैसे आसान चैलेंज से होती है।
हालांकि जैसे-जैसे समय बीतता है, यह टास्क और ज्यादा मुश्किल व डिमांडिंग होते जाते हैं। साथ ही अगर बच्चे ऑर्डर नहीं मानते हैं तो 'गेम मास्टर' उन्हें धमकी देता है। सूत्रों ने बताया कि ये 'चैलेंज' लगातार 50 दिनों तक चलते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50वां 'चैलेंज' आत्महत्या करना होता है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक बहनों की मौत को इस 'गेम' से पक्के तौर पर नहीं जोड़ा है। लेकिन उसका कहना है कि बहनें कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन गेम की आदी हो गई थीं और अक्सर लगातार कोरियन गेम खेला करती थीं। पुलिस उपायुक्त पाटिल ने बताया कि लड़कियां पिछले दो वर्ष से स्कूल नहीं जा रही थीं और पहले भी पढ़ाई में उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था।
आत्महत्या पर चर्चा करना कुछ लोगों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन या ट्रिगरिंग हो सकता है। हालांकि, आत्महत्या रोकी जा सकती है। भारत में आत्महत्या रोकथाम के लिए कुछ प्रमुख हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं: सुमैत्री (दिल्ली स्थित): 011-23389090, स्नेहा फाउंडेशन (चेन्नई स्थित): 044-24640050। जरूरत पड़ने पर इन हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।

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