दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के 500 मीटर दायरे में ऊंची इमारतें और सस्ते घर; क्या है DDA की नई TOD नीति

Aditi Sharma हिन्दुस्तान, राहुल मानव, नई दिल्ली
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दिल्ली में मौजूदा मेट्रो कॉरिडोर और नमो भारत (आरआरटीएस) स्टेशनों के दोनों और बेहतर किफायती आवास को विकसित किया जाएगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के माध्यम से दिल्ली के शहरी परिदृश्य को बदलेगा।

दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के 500 मीटर दायरे में ऊंची इमारतें और सस्ते घर; क्या है DDA की नई TOD नीति

दिल्ली में मौजूदा मेट्रो कॉरिडोर और नमो भारत (आरआरटीएस) स्टेशनों के दोनों और बेहतर किफायती आवास को विकसित किया जाएगा। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के माध्यम से दिल्ली के शहरी परिदृश्य को बदलेगा। इस टीओडी नीति के संबंध में डीडीए के उपाध्यक्ष एन.सरवण कुमार ने बीते दिनों कई जरूरी बातें बताईं।

अब इस योजना के क्रियान्वयन पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के साथ डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें होंगी। इस नीति के तहत मौजूदा मेट्रो कॉरिडोर और प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के साथ मौजूदा और प्रस्तावित नमो भारत (आरआरटीएस) लाइनों के पांच सौ मीटर के दायरे में लागू होगी। मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ के पांच मीटर के दायरे को टीओडी जोन और नमो भारत के रेलवे लाइन के पांच मीटर के रेडियस को एनओडी जोन कहा जाएगा। इन क्षेत्रों में टीओडी नीति लागू होगी।

डीडीए के उपाध्यक्ष के अनुसार इस नीति के जरिए घनी आबादी वाले क्षेत्रों में टिकाऊ बुनियादी ढांचे को विकसित किया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य यह भी कि दोनों जोन में किफायदी आवास को विकसित करें। इसे लेकर डीडीए अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में मंत्रालय के साथ बैठकें की जाएंगी।

इस तरह से लागू होगी टीओडी योजना

- इस नीति का विस्तृत दायरा 500 मीटर कॉरिडोर के तहत सुनिश्चित होगा।

- यह योजना मेट्रो और नमो भारत (आरआरटीएस) स्टेशनों के दोनों ओर 500 मीटर तक के कॉरिडोर को कवर करती हैं।

- इसके मद्देनजर यह योजना कुल 207 वर्ग किमी के क्षेत्र को प्रभावित करेगी।

- इस योजना में अब दो हजार वर्ग मीटर के बड़े प्लॉट भी टीओडी विकास के लिए अधिकृत हैं।

- टीओडी योजना के तहत क्षेत्र में 400 से 500 तक के उच्च फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) स्वीकृत (अनुमत) हैं।

- इस योजना के जरिए दिल्ली के शहरी विकास में घनी आबादी वाले क्षेत्र में और ऊंची इमारतों में बेहतर विकास संभव हो सकेगा।

- किफायती आवास को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को इसके तहत बेहतर फ्लैटों की सुविधा मिलेगी।

- इस नीति में 65 फीसदी निर्मित क्षेत्र में आवास के लिए अनिवार्य किया गया है।

- इसका लक्ष्य किफायती और मध्यम आय वर्ग के लिए घर उपलब्ध कराना है।

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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