राघव चड्ढा को BJP में जासूसी के लिए भेजा? मीम पर अरविंद केजरीवाल का मजेदार जवाब
अरविंद केजरीवाल ने एक इंटरव्यू के दौरान कई मीम्स को लेकर मजेदार जवाब दिए। उन्होंने राघव चड्ढा को जासूस के रूप में भाजपा में भेजने की बात कहने वाले एक मीम्स पर भी मजेदार जवाब दिया।

आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल आमतौर पर बेहद गंभीर और तल्ख नजर आते हैं, लेकिन मजाकिया लहजे में हुए एक इंटरव्यू में उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला। इन दिनों 'जेन जी' से खुद को जोड़ने की कोशिश करते हुए दिखने वाले केजरीवाल ने खुद को लेकर बने कई मीम्स पर मजेदार और हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिए। इस दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के भाजपा में जाने को लेकर भी सवाल किया गया।
कुछ महीने पहले अरविंद केजरीवाल के बेहद खास रहे राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने छह अन्य सांसदों के साथ 'आप' का एक हिस्सा अलग कर दिया और भाजपा के साथ विलय कर लिया। इस पर एक मीम काफी वायरल हुआ, जिसमें पूछा जाता है कि क्या अरविंद केजरीवाल ने जानबूझकर राघव चड्ढा को AAP के जासूस के रूप में बीजेपी में प्लांट किया है? पूर्व सीएम को जब यह मीम दिखाकर सवाल किया गया तो उन्होंने पहले कुछ गंभीर दिखते हुए और फिर हंसते हुए कहा, 'उन्हें कैसे पता चल गया। यह बात बाहर कैसे गई।'
राघव चड्ढा पर नहीं था ऐसा अनुमान
अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले एक दूसरे इंटरव्यू में भी राघव चड्ढा की बगावत को लेकर एक सवाल का जवाब दिया। आप के राष्ट्रीय संयोजक ने माना कि जो कुछ हुआ उसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें कोई आइडिया नहीं था। केजरीवाल ने कहा, 'मेरे को पता नहीं था, मेरे को आइडिया नहीं था, बिल्कुल आइडिया नहीं था। क्या कर सकते हैं, कुछ नहीं कर सकते। चले गए, जहां गए वहां खुश रहें। मैं उम्मीद करता हूं कि वो (सातों सांसद) जहां गए खुश हैं।'
यूटर्न वाले मीम्स पर क्या बोले केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने ऐसे कुछ मीम्स पर भी जवाब दिया जिनमें उन पर यूटर्न मारने का आरोप लगाया जाता है। कभी राजनीति में नहीं आने और भाजपा-कांग्रेस को समर्थन नहीं करने के पुराने वायरल बयानों को लेकर केजरीवाल ने कहा, 'जब अन्ना आंदोलन चल रहा था उन्होंने कोई बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि लोकपाल बिल चाहिए तो चुनाव लड़ो, कानून संसद से बनते हैं। यह मैंने अपनी पहली स्पीच में कहा था कि आम आदमी को चैलेंज मत करना।' कांग्रेस से गठबंधन करके सरकार बनाने पर कहा, 'हम कांग्रेस से गठबंधन नहीं करना चाहते थे, लेकिन उन्हें लगा था कि हम अपने वादे पूरे नहीं कर पाएंगे। 49 दिन में हमने सारे वादे पूरे कर दिए, यही वजह थी कि एक साल के भीतर हमने 70 में से 67 सीटों पर जीत हासिल की।'


