स्वतंत्र भारद्वाज ने बताया कि उन्हें मार दिया जाता अगर…, सिर फोड़ने के आरोप पर क्या सफाई
जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ने के आरोपों पर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी सफाई दी है। भारद्वाज का कहना है कि जिसे हमला बताया जा रहा है, वह सेल्फ डिफेंस में उठाया गया कदम था। अगर हम अपना बचाव नहीं करते तो उस दिन मुझे मार दिया जाता।

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान एक आदमी का सिर फोड़ने के आरोपों पर स्वतंत्र भारद्वाज ने सफाई दी है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में भारद्वाज ने कहा कि जिसको वो लोग हमला का रूप दे रहे हैं, वह हमला नहीं था। वह सेल्फ डिफेंस था। अगर हम सेल्फ डिफेंस में ऐसा नहीं करते तो उस दिन मेरा मॉब लिंचिंग हो सकता था।
उन्होंने कहा कि पूरा वीडियो मेरे पास प्रूफ है। कम से कम 10-15 लोगों के झुंड ने मुझे गिरा दिया और मारपीट करने लगे। उठने के बाद मैंने सेल्फ डिफेंस में हमने हाथ चलाया। मेरे हाथ में एक कड़ा था, जो एक आदमी के सिर पर लग गया। मेडिकल रिपोर्ट में कुछ ज्यादा चोट नहीं आने की बात कही गई है। दिल्ली पुलिस भी यह बात कह चुकी है। लोग कह रहे हैं कि दिल्ली पुलिस ने ऐक्शन नहीं लिया। तो मैं कहता हूं कि दिल्ली पुलिस ने जो भी कानूनी प्रक्रिया है उसके तहत कार्रवाई की और अभी भी जांच रही है। मैं इसमें पूरा सहयोग कर रहा हूं। भारद्वाज ने कहा कि पॉडकास्ट का जो वीडियो चलाया जा रहा है, उसमें शुरुआत के बाद इसे जोड़ा गया है। जो लोग यह कह रहे हैं कि कपिल मिश्रा का फोन आने के बाद उन्हें छोड़ा गया, ऐसा नहीं है। हम तो बस उन्हें कोट कर रहे थे। मेरे उपर भगवान जी का आशीर्वाद है और उन्हीं की वजह से हम बचे।
यह हमला नहीं, सेल्फ डिफेंस था
भारद्वाज ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। कहीं न कहीं प्रोपगेंडा है, जिसको हमला का रूप दिया जा रहा है। जबकि यह हमला नहीं था, बल्कि सेल्फ डिफेंस में उठाया गया कदम था। पूरा देश देख चुका है कि मेरा वीडियो बनाया जा रहा था। न मैं निशू को जानता हूं और न ही उसके पापा को। ये लोग बयानबाजी कर रहे थे कि सूअर आ गए, गोदी मीडिया आ गई, ऐसा मेरा भी बना सकते थे। क्योंकि मेरा भी एक छवि है और मैं सनातन को बचाने के लिए करता हूं। ऐसे में अपनी छवि को बचाने के लिए हम उसके कैमरे को नीचे किए।
मुझे लगा कि मेरा मॉब लिंचिंग हो जाएगा
उन्होंने कहा कि जैसे ही हम कैमरा नीचे किए, वहां मौजूद लोग मेरे उपर हमला करने की कोशिश करते हैं। उसके बाद मुझे भीड़ के द्वारा गिरा दिया जाता है। उसके बाद वे लोग हाथ चलाने लगते हैं। मुझे लगा कि आज मेरा मॉब लिंचिंग हो जाएगा। उसके बाद किसी तरह खड़ा होकर मैंने सेल्फ डिफेंस में हाथ चलाया। मेरे हाथ में एक कड़ा था। गलती से वो कड़ा लग गया। वीडियो इस बात का गवाह है कि अगर मुझे किसी को मारना होता तो कड़ा को मुट्ठी में फंसाकर रखते। उसके बाद ये लोग ऐसा साजिश रच रहे हैं कि हमने हमला किया है। अगर हम सेल्फ डिफेंस में ऐसा नहीं करते तो उस दिन मार दिए जाते।
बोस्टन से भी धमकी आता है
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि हम 6 जून को भी गए थे जंतर-मंतर पर। क्योंकि सीजेपी की तीनों मांगें सही था। बस एक मांग को लेकर हमको थोड़ादिक्कत लग रहा था। क्योंकि वो लोग एकाउंटिबिलीटी मांग रहे थे। जब आपने एकाउंटिबिलीटी मांगा है तो तो उस आदमी को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। उसके बाद आरएसएस मुर्दाबाद और प्रधानमंत्री मोदी जी के बारे में गलत बोला जा रहा था। साथ ही उमर खालिद जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे थे। ब्रह्मणवाद मुर्दाबाद कहा जा रहा था। मुझे ये बातें सही नहीं लगीं और उसके बाद मैं प्रोटेस्ट में नहीं गया। लेकिन, जब चीज सही हो गया तो हम दोबारा वहां गए। हम वहां साइड में खड़े थे। इसी दौरान मेरा वीडियो बनाया जाने लगा। उसके बाद लोग मेरे उपर टूट पड़े। भारद्वाज ने कहा कि उन्हें बोस्टन से भी धमकी आता है। एक नंबर से कहा जाता है कि तुम दिल्ली में रहते हो, तुम वहां गुंडागर्दी कर रहे हो। तुम्हारे फैमिली को खत्म कर देंगे।


