
तेज हवाएं और बादलों का डेरा; दिल्ली की सर्दी में दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर
Delhi Weather : दिल्ली के मौसम पर अगले दो दिनों के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। इसके चलते हल्के बादलों की आवाजाही रहेगी और हवा की गति भी थोड़ा तेज होगी। इससे न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी के आसार हैं।
राजधानी दिल्ली के मौसम पर अगले दो दिनों के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। इसके चलते हल्के बादलों की आवाजाही रहेगी और हवा की गति भी थोड़ा तेज होगी। इससे न्यूनतम तापमान में दो डिग्री तक की बढ़ोतरी के आसार हैं।
दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में शुक्रवार की सुबह हल्की धुंध छाई रही। दिन चढ़ने के साथ ही धुंध साफ हो गई और धूप खिली रही। दिल्ली के सफदरजंग मौसम केन्द्र में दिन का अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड रहा। यह सामान्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस कम है। पालम इलाके में दिन का तापमान सबसे कम 20.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है।
पश्चिमी विक्षोभ का दिल्ली के मौसम पर प्रभाव दिखेगा
मौसम विभाग के मुताबिक, अब दिल्ली के मौसम पर एक पश्चिमी विक्षोभ का हल्का प्रभाव दिखेगा। इससे हल्के बादलों की आवाजाही होगी और हवा की गति 5 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे न्यूनतम तापमान में हल्का इजाफा होगा। शनिवार को अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
दिल्लीवाले लगातार 50 दिन से जहरीली हवा में जीने को मजबूर
दिल्ली की प्रदूषित हवा में एक दिन भी सांस लेना सेहत के लिए काफी हानिकारक है। इससे बीमारियां होने लगती हैं। बावजूद इसके दिल्लीवालों को जहरीली हवा के बीच गुजर-बसर करना पड़ रहा है। राजधानी के लोग बीते 50 दिनों से लगातार प्रदूषण के जहर से भरी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
बीते 14 अक्टूबर के बाद से एक बार जो दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंची है, तो इस बीच एक दिन भी ऐसा नहीं रहा जब लोगों को साफ हवा नसीब हुई हो। सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान 34 दिन हवा बहुत खराब श्रेणी में रही।
दिल्ली में इस बार मॉनसून सामान्य से ज्यादा अच्छा रहा था। मॉनसून की वापसी के बाद अक्टूबर की शुरुआत से ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा और 14 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता का स्तर 200 के पार यानी खराब श्रेणी में पहुंच गया। इसके बाद से ही लगातार दिल्ली की हवा में प्रदूषित बनी है। सीपीसीबी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 327 के अंक पर रहा। एक दिन पहले गुरुवार को यह सूचकांक 304 के अंक पर रहा था। यानी चौबीस घंटे में सूचकांक में 23 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार का दिन लगातार 51वां दिन है जब दिल्ली के लोग खराब हवा में सांस ले रहे हैं। सालभर के आंकड़े को देखें तो 2025 में अभी तक दिल्लीवाले 139 दिन प्रदूषित हवा में सांस ले चुके हैं।
अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं
दिल्ली के लोगों को अभी प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार नहीं है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन-चार दिनों के दौरान हवा की गति आमतौर पर 10 किलोमीटर से नीचे ही रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन भी धीमा होगा। प्रदूषक कणों के वायुमंडल में बने रहने के चलते हवा भी बहुत खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है।





