
हम खुद पीड़ित हैं, राहत के लिए कोर्ट पहुंचे गोवा क्लब के मालिक लूथरा ब्रदर्स को लगा झटका
गोवा नाइट क्लब में 25 लोगों के जिंदा जलकर मारे जाने की घटना को लेकर लूथरा ब्रदर्स की तरफ से दिल्ली की अदालत में प्री बेल याचिका में दावा किया गया है कि वे खुद पीड़ित हैं। हालांकि अदालत ने उन्हें राहत नहीं दी है।
गोवा के मशहूर Birch by Romeo Lane नाइटक्लब में बीते रविवार लगी भीषण आग में 25 लोग जिंदा जल गए थे। इस मामले में क्लब के मालिक लूथरा ब्रदर्स सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को दिल्ली की रोहिणी अदालत से झटका लगा है। थाइलैंड भाग चुके लूथरा ब्रदर्स ने अग्रिम याचिका में खुद पीड़ित बताया है। दावा किया कि उन्हें बिना आधार आरोपी बनाया जा रहा है। अदालत ने उनकी अग्रिम याचिका खारिज कर दी है।
एंटीसिपेटरी बेल पिटीशन के अनुसार दोनों भाइयों ने दिल्ली की एक अदालत में दावा किया कि आग की त्रासदी में वे भी “विक्टिम” हैं। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में मांग की गई कि उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा दी जानी चाहिए।
अदालत से लूथरा ब्रदर्स को झटका
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने लूथरा ब्रदर्स द्वारा दायर एंटीसिपेटरी बेल पर गोवा सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने लूथरा ब्रदर्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने ट्रांजिट एंटीसिपेटरी बेल पर तुरंत फैसला देने से मना करते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए रखा है।
दोनों भाई थाइलैंड भागे
मामले में गिरफ्तारी के डर से दोनों भाई थाईलैंड भाग गए थे। इसी बीच उनकी तरफ से दिल्ली की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका डाली गई। उन्होंने भारत लौटने की अनुमति और अग्रिम जमानत की मांग की थी। याचिका में उनकी तरफ से दावा किया गया कि "हम हादसे के समय मौजूद नहीं थे, जिम्मेदारी हमारी नहीं" बनती।
याचिका के मुताबिक लूथरा ब्रदर्स का कहना था कि वे घटना के समय नाइटक्लब में मौजूद नहीं थे, इसलिए उन पर क्रिमिनल लाइबिलिटी नहीं डाली जा सकती। क्लब का संचालन उनके पार्टनर्स और मैनेजर्स देखते हैं।
लूथरा ब्रदर्स की तरफ से उनके वकील तनवीर अहमद मीर ने अदालत में कहा कि लूथराओं के तीन बिज़नेस पार्टनर्स हैं। वे कई यूनिट्स चलाते हैं और किसी भी फर्म के डे-टू-डे ऑपरेशन्स खुद नहीं देखते। फ्रेंचाइज मैनेजर्स ही रोजमर्रा का संचालन संभालते हैं। जिस नाइट क्लब में आग लगी, उसकी भी इसी तरह से व्यवस्था है।
याचिका में दलील दी गई कि यदि किसी अन्य लोकेशन पर कोई हादसा होता है, तो उसकी आपराधिक जिम्मेदारी मालिकों पर नहीं डाली जा सकती। जिम्मेदारी उन लोगों पर होती है जो संचालन कर रहे थे, यानी पार्टनर्स या मैनेजर्स। गौरतलब है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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