
नए साल में फरीदाबाद की 20 कॉलोनियों की बुझेगी प्यास, FMDA सुधरेगा पेयजल व्यवस्था
नया साल फरीदाबादवासियों के लिए राहत लेकर आएगा। लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे शहर के कई इलाकों में पानी की समस्या अब काफी हद तक दूर होने वाली है। एफएमडीए की मास्टर वाटर सप्लाई परियोजना के तहत साल 2026 में करीब 20 कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
नया साल फरीदाबादवासियों के लिए राहत लेकर आएगा। लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे शहर के कई इलाकों में पानी की समस्या अब काफी हद तक दूर होने वाली है। एफएमडीए की मास्टर वाटर सप्लाई परियोजना के तहत साल 2026 में करीब 20 कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
इस दौरान 10 नई कॉलोनियों में पहली बार रेनीवेल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति शुरू होगी, जबकि अन्य इलाकों में मौजूदा सप्लाई को मजबूत किया जाएगा। जून 2026 तक छह रेनीवेल से पेयजल आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में यमुना किनारे लगे 22 रेनीवेल और अलग-अलग इलाकों में लगे 1700 ट्यूबवेलों के जरिये रोज 280 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है, जबकि मांग 450 एमएलडी है। इसकी पाइपलाइन जब यमुना से चलती है तो पूर्वी हिस्से के तमाम कॉलोनियों व सेक्टरों को पानी की सप्लाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर एनआईटी की तरफ बढ़ती है। एनआईटी और बड़खल आखिरी जोर पर पड़ता है। इसलिए यहां पानी कम पहुंच पाता है, क्योंकि ज्यादातर पानी पूर्वी हिस्से में ही बंट जाता है, जिससे गर्मियां शुरू होने के साथ समस्याओं और बढ़ जाती है।
हालत यह होती है कि कुछ इलाकों में सप्ताह में मात्र दो दिन ही पानी पहुंचता है तो कई इलाकों में भू-जल स्तर नीचे जाने से ट्यूबवेलों का पानी भी लोगों को नियमित रूप से नहीं मिल पाता है। पेयजल समस्या को लेकर गर्मियों में आए दिन संजय कॉलोनी, जीवन नगर, राजीव कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद और एसजीएम नगर के लोग नगर निगम मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते हैं।
60 एमएलडी बढ़ेगी पानी की क्षमता : शहर में रोजाना करीब 170 एमएलडी पानी की कमी बनी हुई है। प्रस्तावित छह रेनीवेल के शुरू होने से शहर की पेयजल आपूर्ति में लगभग 60 एमएलडी की बढ़ोतरी होगी। इससे पानी की कमी का अंतर कुछ हद तक कम होगा और कई इलाकों में सप्लाई स्थिर होने की उम्मीद है। खासकर जिन इलाकों में अभी तक रेनीवेल से आपूर्ति नहीं है। उन्हें साफ स्वचछ पेयजल मिल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि रेनीवेल से मिलने वाला पानी सीधे यमुना के जलस्तर से जुड़ा होता है, जिससे गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता बनी रहती है। इसके साथ ही रेनीवेल प्रणाली से भूजल स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लगातार और नियंत्रित जल दोहन के कारण आसपास के क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज होने की संभावना रहती है, जिससे भविष्य में पानी की समस्या और गंभीर नहीं होगी।
इन कॉलोनियों को लाभ मिलेगा
योजना के तहत जीवन नगर, नंगला, गाजीपुर सहित जिन 10 कॉलोनियों में पहली बार रेनीवेल का पानी पहुंचेगा, वहां के लोगों के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। इन कॉलोनियों में अभी तक बोरवेल, टैंकर या दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों में स्थिति और भी खराब हो जाती थी, जब कई-कई दिनों तक पानी नहीं आता था। अब रेनीवेल के माध्यम से सीधे पाइपलाइन से सप्लाई होने पर इन इलाकों में पानी को लेकर होने वाली दैनिक परेशानी काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है। सैनिक कॉलोनी, जीवन नगर और नंगला क्षेत्र फरीदाबाद के उन इलाकों में शामिल हैं, जहां जल संकट की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
2027 तक पूरे होंगे अन्य छह रेनीवेल
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल छह रेनीवेल से जून 2026 तक पानी की आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। अन्य छह रेनीवेल का निर्माण कार्य भी चल रहा है, जिसे 2027 तक पूरा करने की योजना है। इससे शहर की पेयजल क्षमता में और इजाफा होगा। साथ ही गांव मोहना, छांयसा आदि से सेक्टर-25 बूस्टर तक करीब 24 किलोमीटर लंबी पाइप लाइप बिछाने का काम तेजी से जारी है। इसके बाद जीवन नगर, गौंछी, नंगला, गाजीपुर तक रेनीवेल लाइन बिछाने का काम शुरू किया जाएगा।
विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, एफएमडीए, ''शहर में पेयजल संकट के समाधान के लिए मास्टर वाटर सप्लाई योजना पर काम जारी है। इसके तहत यमुना किनारे बनाए जा रहे छह रेनीवेल अगले साल जून तक चालू हो जाएंगे, अन्य छह रेनीवेल वर्ष 2027 में तैयार होंगे। इनके चालू होने से पेयजल संकट काफी कम हो जाएगा।''





