दिल्ली के कई इलाकों में पानी की किल्लत; वजीराबाद में यमुना का जलस्तर 5 फीट गिरा
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर सामान्य से 5 फीट नीचे गिरने के कारण गंभीर जल संकट बरकरार है। वजीराबाद और चंद्रावल संयंत्रों में पानी का उत्पादन घटने से राजधानी के कई इलाकों में सप्लाई प्रभावित है।

दिल्ली के वजीराबाद में यमुना का जलस्तर सामान्य से लगभग 5 फीट गिरकर 668 फीट पर आ गया है। इससे साफ पानी का उत्पादन सामान्य 1000 एमजीडी से घटकर करीब 923 एमजीडी रह गया है। बताया जाता है कि दिल्ली के वजीराबाद और चंद्रावल पानी प्लांट सबसे अधिक प्रभावित हैं। हरियाणा सरकार की ओर से भरोसा दिए जाने के बावजूद ग्रेटर कैलाश, करोल बाग और सिविल लाइंस समेत कई इलाकों में पानी की सप्लाई ठप है।
इन इलाकों में पानी की किल्लत
बताया जाता है कि इस गंभीर जल संकट के कारण राष्ट्रीय राजधानी के साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, जहांगीरपुरी, मूलचंद, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट आईएसबीटी, एनडीएमसी इलाके, आईटीओ, डिफेंस कॉलोनी, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, राजघाट, रामलीला मैदान, दिल्ली गेट, सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज के साथ कैंटोनमेंट के कुछ हिस्से और आस-पास के इलाके पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
5 फीट नीचे गिरा यमुना का जलस्तर
दिल्ली जल बोर्ड ने अभी तक कोई समय-सीमा नहीं बताई है कि हालात में कब तक सुधार होगा। जल बोर्ड के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सरकार की कोशिशों के बावजूद पानी का संकट बना हुआ है। अब भी वजीराबाद में यमुना नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 5 फीट नीचे गिर गया है। इसके कारण पानी का उत्पादन प्रभावित हुआ है। नतीजतन राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
कब तक रहेंगे ऐसे हालात?
DJB के एक अधिकारी ने कहा कि नदी का जलस्तर गिरने के कारण साफ पानी का उत्पादन प्रभावित हुआ है। DJB के दो सबसे बड़े वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों में पानी का उत्पादन कम बना हुआ है। पानी का औसत उत्पादन लगभग 923 मिलियन गैलन प्रतिदिन हो रहा है। सामान्य दिनों में पानी का उत्पादन लगभग 1,000 एमजीडी होता है। जब तक यमुना के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश नहीं होती तब तक हालात ऐसे ही रहने की संभावना है।
70 से 90 एमजीडी की कमी
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने वजीराबाद में यमुना का जलस्तर लगभग 668 फीट रह गया है जबकि सामान्य स्तर 674.5 फीट रहना चाहिए। कुल पानी के उत्पादन में लगभग 70 से 90 एमजीडी की कमी आई है। सनद रहे कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले हफ्ते कहा था कि हरियाणा सरकार ने मुनक नहर के जरिए 1,000 क्यूसेक पानी की सप्लाई बनाए रखने का भरोसा दिया है। हरियाणा की ओर से पानी छोड़े जाने के बाद भी हालात में अधिक सुधार नहीं हुआ है।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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