गुरुग्राम की इस कॉलोनी में पानी और सीवर की लाइन बिछेगी, 10 हजार लोगों को फायदा
नगर निगम ने गुरुग्राम न्यू पालम विहार कॉलोनी के निवासियों के लिए खुशियों भरा रोडमैप तैयार कर लिया है। विशेष रूप से ब्लॉक सी और डी के कायाकल्प के लिए आठ करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया है। इस बड़ी राशि से क्षेत्र में पानी की लाइन, सीवर सिस्टम और पक्की सड़कों का जाल बिछाया जाएगा।

नगर निगम ने गुरुग्राम न्यू पालम विहार कॉलोनी के निवासियों के लिए खुशियों भरा रोडमैप तैयार कर लिया है। विशेष रूप से ब्लॉक सी और डी के कायाकल्प के लिए आठ करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया है। इस बड़ी राशि से क्षेत्र में पानी की लाइन, सीवर सिस्टम और पक्की सड़कों का जाल बिछाया जाएगा।
नगर निगम की वित्त एवं संविदा समिति से बजट की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, फरवरी के अंत तक टेंडर फाइनल कर लिए जाएंगे और मार्च के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई देने लगेगा। यह परियोजना न्यू पालम विहार के उन हिस्सों को कवर करेगी जो अब तक विकास की दौड़ में पीछे छूट गए थे।
घरों के जमा रहता था पानी
न्यू पालम विहार कॉलोनी को नियमित तो दो साल पहले कर दिया गया था, लेकिन बजट और योजना के अभाव में यहां के निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर थे। क्षेत्र में विकास कार्य न होने से लोगों को इन प्रमुख समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। बरसाती नालों का अभाव होने के कारण हल्की सी बारिश में भी ब्लॉक सी और डी की गलियां तालाब बन जाती थीं। घरों के बाहर महीनों तक पानी जमा रहता था।
दुर्गंध ने सांस लेना भी दूभर
पुरानी और जर्जर सीवर लाइनों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता था, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने लोगों का सांस लेना दूभर कर रखा था। पक्की सड़कें न होने के कारण गर्मियों में उड़ती धूल और बारिश में गहरे गड्ढों व कीचड़ ने आवाजाही को बेहद जोखिम भरा बना दिया था। नियमित जल आपूर्ति का नेटवर्क न होने से लोगों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था।
कॉलोनी में ये कार्य किए जाएंगे
निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के नेतृत्व में तैयार की गई इस योजना में ब्लॉक सी और डी के 10 हजार से अधिक लोगों की सुविधा का ध्यान रखा गया है। कॉलोनी की सभी मुख्य और आंतरिक गलियों को आरएमसी तकनीक से पक्का किया जाएगा। नई और बड़ी क्षमता वाली सीवर लाइनें डाली जाएंगी। हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइनों का नया नेटवर्क बिछाया जाएगा। जल निकासी के लिए विशेष बरसाती नालों का निर्माण किया जाएगा।
अगले माह से शुरू होगा काम
नगर निगम के मुख्य अभियंता विजय ढाका ने कहा कि न्यू पालम विहार के सी और डी ब्लॉक में सीवर, पानी, सड़क और बरसाती नालों का निर्माण करवाया जाएगा। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले माह से कॉलोनी में काम शुरू करवा दिया जाएगा।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


