
लाल किले के पास PETN से किया था धमाका? जांच जारी, जानें ये कितना खतरनाक
संक्षेप: Delhi Blast: फॉरेंसिक टीम ने 42 चीजों को इकट्ठा किया है और लैब में जांच के लिए भेजा है। इनमें कार के टायर, चेसिस, सीजीसी सिलेंडर और बोनेट के हिस्से हैं। इसके अलावा उन्हें अन्य अवशेष और पाउडर भी मौके से मिला है।
Delhi Blast: दिल्ली में हुए धमाके की जांच में विस्फोटक को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है। अब आशंका जताई जा रही है कि लाल किले के पास हुए इस घटना में सैन्य ग्रेड विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल, अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। वहीं, कहा यह भी जा रहा है कि धमाका हरियाणा के फरिदाबाद से बरामद हुए सामग्री के जरिए किया गया था। इसपर भी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ताओं ने फॉरेंसिक से राय मांगी है कि क्या यहां PETN, सेमटेक्स या आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया है। शुरुआती आकलन अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर्स की ओर इशारा कर रहे हैं। खास बात है कि नाइट्रेट का इस्तेमाल औद्योगिक रूप से भी किया जाता है, लेकिन आसानी से मिलने और सस्ता होने के चलते आईईडी में भी इसे लगाया जाता है।
घटनास्थल से क्या सैंपल लिया
फॉरेंसिक टीम ने 42 चीजों को इकट्ठा किया है और लैब में जांच के लिए भेजा है। इनमें कार के टायर, चेसिस, सीजीसी सिलेंडर और बोनेट के हिस्से हैं। इसके अलावा उन्हें अन्य अवशेष और पाउडर भी मौके से मिला है।
क्या है PETN
इसका पूरा नाम पेंटाएरिथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट है। यह सेमटेक्स में शामिल होने वाली मुख्य चीज है। रिपोर्ट के अनुसार, इसे सबसे ताकतवर विस्फोटकों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इसके रंगहीन क्रिस्टल होने और पहचानने में मुश्किल होने के कारण आतंकवादी इसका इस्तेमाल करते हैं। अन्य केमिकल की तुलना में धमाके के लिए इसकी थोड़ी मात्रा की जरूरत पड़ती है।
रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया, 'PETN स्टेबल है और गर्मी या शॉक वेव के जरिए इसमें धमाका किया जा सकता है। एक कार 100 ग्राम में तबाह हो सकती है। सबसे जरूरी यह है कि न PETN और न सेमटेक्स को विस्फोटक के तौर पर काम करने के लिए छर्रों की जरूरत नहीं पड़ती है। यह खुद ही विस्फोट के जरिए बड़ा नुकसान कर सकता है।'
खबर है कि अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल सबसॉनिक बर्न के बजाए सुपरसॉनिक शॉक वेव बनाता है। आसान भाषा में समझें तो यह बहुत तेजी से ऊर्जा छोड़ता है, जिसके चलते बड़ा धमाका होता है। साल 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट में हुए धमाके में कहा जा रहा था कि अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल PETN के साथ किया गया था। बाद में सरकार ने कहा था कि इसमें आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था।





