मेट्रो पोस्टर से टेरर टेस्ट, मंदिरों की रेकी… दिल्ली में बड़े हमले की तैयारी में था आतंकी शबीर लोन?
जांच में पता चला है कि यह मॉड्यूल किसी छोटे-मोटे प्रचार के लिए नहीं, बल्कि बड़े आतंकी हमले की तैयारी में जुटा था। मेट्रो और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पोस्टर दरअसल एक तरह का “ट्रायल रन” थे, जिसके जरिए मॉड्यूल अपनी क्षमता और नेटवर्क की जांच कर रहा था।

राजधानी दिल्ली में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल और आतंकी शबीर लोन से जुड़े को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि यह मॉड्यूल किसी छोटे-मोटे प्रचार के लिए नहीं, बल्कि बड़े आतंकी हमले की तैयारी में जुटा था। मेट्रो और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पोस्टर दरअसल एक तरह का “ट्रायल रन” थे, जिसके जरिए मॉड्यूल अपनी क्षमता और नेटवर्क की जांच कर रहा था।
मंदिरों की रेकी, पाकिस्तान भेजे वीडियो
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, इस मॉड्यूल के सदस्य देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय थे और भीड़भाड़ वाले इलाकों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि कई मंदिरों और हाई-फुटफॉल वाले इलाकों की रेकी की गई थी। इन जगहों के वीडियो बनाकर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजे जा रहे थे, ताकि आगे की साजिश को अंतिम रूप दिया जा सके।
पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे तार
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े हैंडलर्स चला रहे थे। ये हैंडलर्स बांग्लादेश के रास्ते भारत में अपने मॉड्यूल को ऑपरेट कर रहे थे। सबसे पहले कोलकाता में एक बेस तैयार किया गया, जहां से पूरे नेटवर्क को विस्तार दिया गया। इसके बाद दिल्ली समेत अन्य शहरों में एक्टिविटी शुरू की गई।
गिरफ्तार 8 आतंकियों में 7 बांग्लादेशी शामिल
जांच में यह भी सामने आया है कि हाल ही में जिन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, वे इसी मॉड्यूल का हिस्सा थे। इनमें सात बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। इनकी भूमिका पोस्टर लगाने, रेकी करने और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क को मजबूत करने की थी। पोस्टर लगाने की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया, जिसके बाद पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ हो सका।
टारगेट किलिंग को अंजाम देने की थी तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मॉड्यूल “टारगेट किलिंग” जैसे हमलों को अंजाम देने की तैयारी में था। इसके लिए नए लोगों की भर्ती और संभावित लोकेशन की पहचान की जा रही थी। हाल ही में पकड़ा गया आतंकी शबीर अहमद लोन इस नेटवर्क का हैंडलर बताया जा रहा है, जो लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मॉड्यूल से जुड़े हर कड़ी को खंगाल रही हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि समय रहते इस नेटवर्क का खुलासा होना एक बड़ी कामयाबी है, जिसने संभावित बड़े खतरे को टाल दिया।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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