मां के सीने से चिपका मिला डेढ़ साल के बेटे का शव, विवेक विहार AC ब्लास्ट में एक ही परिवार के 5 मरे
दिल्ली के विवेक विहार में शनिवार देर रात 6 फ्लैटों में अचानक आग लग गई। इस हादसे में मारे गए 9 लोगों में 5 एक ही परिवार के थे। इसमें माता-पिता, बेटे-बहु और एक डेढ़ वर्ष का पोता शामिल है। सबका शरीर जलकर राख हो गया। दृश्य इतना विभत्स था कि शरीर के बचे हुए अवशेष से शवों को पहचान पाना मुश्किल है।

दिल्ली के विवेक विहार में बी-ब्लॉक के 8 फ्लैटों में लगी आग के दौरान लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिला। देर रात लगी आग के दौरान लोग घरों में सो रहे थे। ऐसे समय में आग लगने के दौरान उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं लगा। आग धीरे-धीरे पूरी इमारत में फैल गई और उसकी चपेट में आने से 9 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। इसमें माता-पिता, बेटे-बहु और एक डेढ़ वर्ष का पोता शामिल है। सबका शरीर जलकर राख हो गया। दृश्य इतना विभत्स था कि शरीर के बचे हुए अवशेष से शवों को पहचान पाना मुश्किल है।
शवों की पहचान कर पाना मुश्किल
गौतमपुरी के रहने वाले संजय जैन ने बताया कि उनके बहनोंई विवेक विहार में अपने परिवार के साथ रहते थे। इस घटना में उनके बहनोई अरविंद जैन (62 वर्ष), बहन अनिता जैन, बहन-बहनोई के बेटे निशांक जैन (34 वर्ष), बहु आंचल और डेढ़ वर्ष के पोते आरु की दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने बताया कि सुबह फोन आया तो वह उनके घर गए। घर के अंदर सबकुछ जलकर खाक हो गया है। बर्तन तक जल गए हैं। शरीर का अवशेष देखकर पहचान कर पाना मुश्किल था। आरु के शरीर का हिस्सा अपने मां के छाती चिपका मिला।
निशांक दो भाई थे। खुद सीएस थे और दूसरे भाई दीपक जैन सीए हैं। कनाट प्लेस में उनका आफिस है। दोनों भाई एक साथ इसी घर में रहते थे। दीपक के तीन साल के बेटे का आज जन्मदिन है। वह जन्मदिन मनाने बेटे और सोनाली जैन के साथ मानेसर गए थे। उनके साथ निशांक को भी जाना था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह नहीं जा पाए।
भैया बचा लो, वीडियो काल पर गुहार लगाते रहे निशांक
रविवार सुबह निशांक को भी परिवार के साथ मानेसर जाना था। रात 12 बजे दोनों भाइयों की वीडियो काल पर बात हुई थी और केक भी काटा था। तड़के तीन बजे एसी में ब्लास्ट होने पर आग लग गई और पांचों लोग घर में फंस गए। निशांक ने बड़े भाई को वीडियो काल करके बताया कि घर में आग लग गई है। वे फंस गए हैं। वह चिल्लाते रहे की भैया बचा लो। डीएनए जांच से बाडी की पहचान के लिए दीपक के सैंपल लिए गए हैं।
सीएम ने अत्यंत दुखद बताया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विवेक विहार की एक इमारत में लगी आग की घटना को अत्यंत दुखद बताया है। कहा कि इस हादसे में 9 लोगों की मृत्यु से मन व्यथित है। हादसे में घायल हुए लोगों का नजदीकी अस्पताल में उपचार चल रहा है, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें यह कठिन समय सहने की शक्ति प्रदान करें।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


