वसुंधरा और इंदिरापुरम की सुरक्षा चौकस होगी, CCTV से निगरानी और AI से ट्रैफिक कंट्रोल
गाजियाबाद के वसुंधरा और इंदिरापुरम में आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के दूसरे चरण में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे हर गतिविधि पर नजर रहेगी। जाम से राहत के साथ सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। नगर निगम ने शासन को संशोधित प्रस्ताव भेजा है।

गाजियाबाद के वसुंधरा और इंदिरापुरम में आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) के दूसरे चरण में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे हर गतिविधि पर नजर रहेगी। जाम से राहत के साथ सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा। नगर निगम ने शासन को संशोधित प्रस्ताव भेजा है।
आईटीएमएस के पहले चरण में शहर के 41 स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। इन्हें निगम मुख्यालय में बनाए कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। यातायात पुलिसकर्मी कंट्रोल रूम से नजर रख रहे हैं। साथ ही यातायात के नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं। निगम आईटीएमएस के दूसरे चरण में वैशाली, वसुंधरा और इंदिरापुरम में कैमरे लगाएगा। इसके लिए संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है।
हर गतिविधि पर नजर रहेगी
नगर आयुक्त विक्रमाादित्य सिंह मलिक ने बताया कि आईटीएमएस के दूसरे चरण पर शासन में बात हुई है। शासन के अधिकारियों को अवगत कराया है कि आईटीएमएस का पहले चरण सफल रहा। साथ ही अवगत कराया कि दिल्ली से सटे वैशाली, वसुंधरा और इंदिरापुरम में कैमरे लगाए जाने जरूरी है। इससे हर गतिविधि पर नजर रहेगी। जाम से राहत के साथ सुरक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। उन्होंने बताया शासन से योजना को मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
इन स्थानों पर लगाए जाएंगे
मॉडल टाउन, घूकना टी प्वाइंट, वेव सिनेमा वसुंधरा, रामप्रस्थ गेट नंबर-एक, काला पत्थर आदित्य मॉल, एसआरएस मॉल तिराहा, डीडीपीएस गोविन्दपुरम तिराहा, सीबीआई अकादमी कट, संजय गीता चौक आर्यनगर, डीपीएस तिराहा मेरठ रोड, लाजपतनगर तिराहा हिंडन तुलसी निकेतन, भागीरथ चौक प्रताप विहार, बीकानेर गोल चक्कर राजेंद्रनगर जीटी रोड, भोवापुर कट और मकनपुर साईं मंदिर के पास कैमरे लगाए जाएंगे।
एआई से यातायात प्रबंधन होगा
आईटीएमएस का दूसरा चरण मंजूर होने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस से यातायात प्रबंधन होगा। इसके तहत चौराहों-तिराहों पर सेंसरयुक्त ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। चौराहों पर लगने वाले सेंसर 70 से 100 मीटर की दूरी तक वाहनों का दबाव भांप लेगा।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


